मेरठ की भारी बारिश में डूबा शहर तो घुटने भर पानी में सीधे उतर कलक्टर IAS वीके सिंह फिर हुआ ये सब

उस्मान चौधरी

• 07:05 PM • 23 Jul 2025

बुधवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने मेरठ शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया. सड़कें, चौराहे और गलियां घुटने भर पानी में डूब गईं. इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

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बुधवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने मेरठ शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया. सड़कें, चौराहे और गलियां घुटने भर पानी में डूब गईं. इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. हालात की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के जिलाधिकारी (DM) डॉ वीके सिंह ने खुद मोर्चा संभाला. वह सिर्फ आदेश देने तक सीमित नहीं रहे बल्कि घुटने भर पानी में सीधे उतरकर जल निकासी के कार्य का जायजा लेने पहुंच गए. इसके बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया और काम में तेजी आई.

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जलभराव से बेहाल शहर, डीएम ने संभाली कमान

बुधवार सुबह से ही मेरठ में मूसलाधार बारिश जारी थी. इसके चलते शहर के कई प्रमुख हिस्सों में भारी जलभराव हो गया. लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझा और तत्काल मौके पर पहुंचने का फैसला किया. डीएम सबसे पहले नगर निगम के महिला पार्क के सामने पहुंचे, जहां भारी जलभराव था. उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के खुद पानी में उतरकर स्थिति का जायजा लिया. 

प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: बुढ़ाना गेट, ईवीज़ चौराहा, इंदिरा चौक और बच्चा पार्क जैसे शहर के प्रमुख और व्यस्त क्षेत्रों से भी जलभराव की शिकायतें मिल रही थीं, जहां डीएम ने स्थलीय निरीक्षण किया.

मौके पर पहुंचे अधिकारी, मिले तत्काल निर्देश

बारिश के बीच ही जिलाधिकारी ने जलभराव वाले इलाकों में नगर निगम के नगर आयुक्त सौरभ गंगवार सहित सभी संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि जलनिकासी का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी टीमें तत्काल पहुंचें और पानी निकालने का काम शुरू करें. डीएम ने साफ कहा कि शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव नहीं रहना चाहिए और नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने और खुद पानी में उतरकर निरीक्षण करने का सीधा असर दिखा. संबंधित विभागों की टीमों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और जलनिकासी का काम युद्धस्तर पर तेज कर दिया गया. जिलाधिकारी ने मौके से ही जलनिकासी की व्यवस्था को सुनिश्चित कराया और लगातार संपर्क में रहकर अन्य क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी भी ली.