मायावती ने बसपा नेताओं के साथ की बड़ी बैठक, SIR को लेकर दिया ये बयान और बताई साजिश वाली थ्योरी!

UP Political News: मायावती की बसपा पदाधिकारियों के साथ बड़ी बैठक. संसद में सत्ता-विपक्ष के विवाद और जनहित के मुद्दों की अनदेखी पर बरसीं बसपा प्रमुख. जानें बैठक की बड़ी बातें.

Photo: Mayawati

यूपी तक

• 11:54 AM • 07 Feb 2026

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UP Political News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने आज यानी शनिवार को लखनऊ में पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की. इस बैठक में सभी जिला, मंडल और विधानसभा अध्यक्ष मौजूद रहे. बैठक के दौरान मायावती ने संगठन की मजबूती पर चर्चा करने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों की कार्यशैली और संसद के मौजूदा हालातों पर तीखा हमला बोला. मायावती ने साफ कहा कि आज देश की राजनीति जनहित के बजाय आपसी द्वेष और नफरत की दिशा में मुड़ गई है. 

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संसद के 'खेले' पर मायावती का कड़ा प्रहार

मायावती ने संसद की कार्यवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने का 'ड्रामा और खेला' चल रहा है. उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों पक्ष संविधान के मान-सम्मान और गरिमा को भूल रहे हैं. टैरिफ जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर संसद में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी, लेकिन आपसी विवाद के कारण उन्हें दरकिनार कर दिया गया. सत्ता और विपक्ष, दोनों को ही संसद चलाने के स्थापित कानूनों का पालन करना चाहिए.

'जाति और धर्म की आड़ में चमक रही राजनीति'

सरकार पर निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय धर्म और जाति की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने में जुटी हैं. इससे समाज में नफरत फैल रही है, जो देशहित में नहीं है. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गरीबों, ओबीसी, एससी-एसटी, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की दयनीय स्थिति पर जनता का ध्यान आकर्षित करें.

मायावती ने SIR को लेकर ये कहा

बैठक में मायावती ने यह भी स्वीकार किया कि SIR  के चलते पार्टी के कुछ कार्य प्रभावित हुए हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए बड़ी साजिशें रच रहे हैं, जिनसे सचेत रहने की जरूरत है. साथ ही, पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और आर्थिक मदद के लिए दिए गए कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई. 

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