SSP अविनाश पांडे ने BKU नेता दिग्विजय भाटी को बताया मेरठ बवाल का 'मास्टरमाइंड', उसने अब उल्टा ही सुना दिया

SSP Meerut Vs Digvijay Bhati: मेरठ लाठीचार्ज मामले में नया मोड़ आ गया है. SSP अविनाश पांडे ने किसान नेता दिग्विजय भाटी पर भीड़ भड़काने का आरोप लगाया. जबकि भाटी ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कॉल डिटेल जांचने की चुनौती दी.

SSP Meerut Vs Digvijay Bhati

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SSP Meerut Vs Digvijay Bhati: ललिता गौतम हत्याकांड के बाद मेरठ में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है.  दिन भर के बवाल के बाद मेरठ पुलिस द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है. मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने खुलासा किया है कि इस उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम के पीछे भारतीय किसान यूनियन के नेता और अमरोहा से जिलाबदर अपराधी दिग्विजय सिंह भाटी का हाथ था, जिन पर एससी-एसटी एक्ट समेत कुल 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. हालांकि इन गंभीर आरोपों के तुरंत बाद दिग्विजय सिंह भाटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. भाटी का दावा है कि वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे और वे कल से गाजियाबाद में हैं.

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कलेक्ट्रेट गेट जाम करने और युवाओं को भड़काने का आरोप

पुलिस के अनुसार, 15 मई को ललिता गौतम की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को 17 मई को ही गिरफ्तार कर लिया गया था और पीड़ित परिवार भी पुलिस की विवेचना से संतुष्ट था. इसके बावजूद बुधवार को कुछ अराजक तत्वों ने कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य रास्ता और गेट जाम कर दिया. एसएसपी मेरठ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह भाटी का नाम लेते हुए कहा 'दिग्विजय सिंह भाटी खुद को भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर गुट का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हैं. उन पर अमरोहा और मेरठ मिलाकर कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं और वे जिलाबदर भी हैं. इन जैसे आपराधिक तत्वों ने कमिश्नरी पार्क में शांतिपूर्वक बैठे भोले-भाले युवाओं और नाबालिगों को भड़काया और कलेक्ट्रेट का रास्ता जाम कराया जिससे जनता और अधिकारियों को भारी परेशानी हुई. इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.'

कप्तान साहब, मेरी कॉल डिटेल चेक करवा लो-दिग्विजय सिंह भाटी

एसएसपी के इन आरोपों पर अपनी चलती गाड़ी से वीडियो जारी करते हुए दिग्विजय सिंह भाटी ने खुद को बेकसूर बताया और मेरठ कप्तान की कार्यशैली पर सवाल उठाए. भाटी ने कहा 'मैं लाइव सुन रहा था कि कप्तान साहब मुझे जिलाबदर और 9 मुकदमों वाला बता रहे हैं. मैं मानता हूं कि मैं अमरोहा से जिलाबदर हूं. लेकिन उन 9 मुकदमों में से 4-5 में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है और कई बिल्कुल फर्जी हैं. सबसे बड़ी बात यह कि मेरठ के इस पूरे बवाल में मेरी कोई भूमिका नहीं है. मैं कल से गाजियाबाद में हूं. कप्तान साहब, आप मेरी कॉल डिटेल निकलवा सकते हैं. मेरे लाइव फोटो और रूट चेक कर सकते हैं. अगर मेरा कोई भी फोटो, कॉल रिकॉर्ड या संलिप्तता मिले तो आप जो चाहें वो कार्रवाई करें. लेकिन किसी को झूठे मुकदमे में न फंसाएं.'

झूठी एफआईआर के खिलाफ दी चेतावनी

भाटी ने शासन-प्रशासन से निवेदन करते हुए यह भी कहा कि चाहे वे खुद हों, या उनके जिला अध्यक्ष मोहित किनगर, किसी भी बेकसूर के खिलाफ झूठी एफआईआर नहीं लिखी जानी चाहिए.

अब इस मामले में दोनों तरफ से विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं. एक तरफ जहां मेरठ पुलिस उन्हें ऑन-स्पॉट भीड़ को उकसाने का आरोपी मानकर कानूनी कार्रवाई की बात कर रही है. वहीं किसान नेता डिजिटल सबूतों के दम पर खुद को निर्दोष बता रहे हैं. आने वाले दिनों में जांच के बाद ही साफ होगा कि इस सियासी और सामाजिक संग्राम में ऊंट किस करवट बैठता है.