Sangeet Som UP Tak Podcast: भाजपा के फायरब्रांड नेता और सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम ने यूपी Tak पॉडकास्ट में अपनी बेबाक राय रखते हुए सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. इस बातचीत के दौरान उन्होंने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को गद्दार कहने की वजह बताई है. उन्होंने सपा विधायक अतुल प्रधान की तरफ से मांस फैक्ट्री को लेकर लगाए गए आरोपों पर सफाई दी है. साथ ही समाजवादी पार्टी और बसपा के साथ अपने पुराने रिश्तों को लेकर बेबाक प्रतिक्रया भी दी. खबर में आगे पेश हैं इस संगीत सोम के साथ पॉडकास्ट की कुछ बड़ी बातें.
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संगीत सोम ने शाहरुख खान को क्यों कहा गद्दार?
शाहरुख खान को गद्दार कहने के पीछे संगीत सोम ने पॉडकास्ट में बांग्लादेश और 26/11 की घटनाओं का तर्क दिया. उन्होंने कहा, "आज बांग्लादेश में हिंदुओं को काटा जा रहा है. शाहरुख खान की कंपनी ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदा था. क्या खिलाड़ी अपने देश में नहीं थे? यह देश के साथ गद्दारी है."
संगीत सोम ने आरोप लगाया कि 26/11 के हमले के वक्त भी शाहरुख की टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदा था. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने जनभावना को समझते हुए अपना निर्णय वापस लिया, लेकिन शाहरुख खान ने माफी नहीं मांगी. संगीत सोम ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "आपको भारत की जनता ने बनाया है, वरना आप पान मसाला बेचने वाले हैं."
उन्होंने कहा, "शाहरुख खान ने तो यह भी कहा था आज दुनिया में अगर सबसे असुरक्षित कहीं मुसलमान है तो भारत में हैं.
चीन में चले जाएं. चीन में क्या हो रहा है. वहां बुरका पहन के दिखाएं. वहां नमाज पढ़ कर दिखाएं सार्वजनिक स्थलों पर. यहां सड़कों पर भी नमाज पढ़ते हैं, वो भी आजादी है. यहां हर तरीके की आजादी है. लेकिन लोगों के भावनाओं को शाहरुख खान ने समझा नहीं. हमने शाहरुख खान को गद्दार बोला तो देश की जनता ने उसका समर्थन किया कि ये गद्दारी का काम है."
मीट फैक्ट्री और अल-दुआ कंपनी पर क्या बोले संगीत सोम
सपा नेता अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि संगीत सोम मांस फैक्ट्री चलाकर पैसे कमाते हैं. इन आरोपों पर संगीत सोम ने कहा कि 'ये मुद्दा सब अखिलेश यादव (सपा चीफ) के चेले-चपाटे उठा रहे हैं.' उन्होंने स्पष्ट किया, "2013 में आजम खान और शिवपाल यादव ने भी यही आरोप लगाए थे. मैंने तब भी चैलेंज किया था कि अगर मेरी संलिप्तता मिली तो मैं राजनीति और देश छोड़ दूंगा."
संगीत सोम ने बताया कि 2005-06 में उन्होंने एक जमीन खरीदी थी और 7-8 महीने बाद उसे बेच दिया था. वह जमीन 'अल-दुआ' कंपनी के नाम थी. उन्होंने कहा कि वह केवल एक कंपनी थी जिसके उद्देश्यों में मीट पैकिंग जैसे 150 काम लिखे थे, लेकिन वह मीट फैक्ट्री नहीं थी. 2013 तक वह जमीन खाली पड़ी थी और सपा सरकार की जांच में भी कुछ नहीं निकला था.
समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने पर क्या बोले संगीत सोम
साल 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के सवाल पर संगीत सोम ने कहा कि उनका सपा से कभी कोई वैचारिक रिश्ता नहीं रहा. उन्होंने कहा, "मैं कभी सपा में नहीं रहा, मैं कल्याण सिंह जी के साथ था. मुलायम सिंह यादव ने खुद मंच से कहा था कि वह संगीत सोम को नहीं जानते, यह कल्याण सिंह का आदमी है. मैं उनके कहने पर चुनाव लड़ा था लेकिन मैंने कभी सपा की सदस्यता नहीं ली."
मायावती और बसपा से जुड़ाव पर क्या बोले संगीत सोम?
मायावती के साथ अपने रिश्तों पर संगीत सोम ने कहा कि उनके पास आना-जाना काफी था, लेकिन बसपा से कभी कोई आधिकारिक संबंध नहीं रहा. उन्होंने कहा कि जब मायावती सरकार ने आतंक मचाया और किसी को ब्लॉक प्रमुख नहीं बनने देने की जिद की तब उन्होंने चुनौती स्वीकार की थी. सोम ने बताया, "हमने अपने लोगों को लड़ाया और जिताया. मेरी मां, मेरी पत्नी और मेरे कार्यकर्ता, सब एकतरफा ब्लॉक प्रमुख बने थे." उन्होंने यह भी कहा कि सेकुलर बनकर राजनीति करना उन्हें कभी पसंद नहीं आया.
यहां देखें पूरा पॉडकास्ट:
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