मेरठ जाने से रोका तो इंस्पेक्टर से भिड़ गए चंद्रशेखर आजाद, बोले- SSP अविनाश पांडेय से मिलकर पूछूंगा क्यों मारे थप्पड़?

उस्मान चौधरी

• 01:57 PM • 10 Jul 2026

Meerut Lalita Gautam case: मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड पर सियासत तेज हो गई है. पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका, जिसके बाद टोल प्लाजा पर तीखी नोकझोंक हुई. वायरल वीडियो ने यूपी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया.

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Meerut Lalita Gautam case: मेरठ की दलित बेटी ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन के दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे द्वारा प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने और पुलिस वैन में एडवोकेट रवि गौतम के साथ हुई कथित मारपीट के वीडियो के बाद विपक्ष पूरी तरह हमलावर है. इसी सिलसिले में पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ जा रहे आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को जब पुलिस ने रूहाना टोल प्लाजा पर रोकने की कोशिश की, तो वहां भयंकर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. चंद्रशेखर आजाद अपने पुराने एंग्री यंग मैन वाले तेवर में पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए. टोल प्लाजा पर इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह और चंद्रशेखर के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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पुलिस से सीधे भिड़े चंद्रशेखर

रूहाना टोल प्लाजा पर रोके जाने से नाराज चंद्रशेखर आजाद अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और उनके कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर गाली देने को लेकर पुलिस पर बिफर पड़े. मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह और चंद्रशेखर के बीच हुई तीखी बातचीत के अंश कुछ इस प्रकार रहे.

चंद्रशेखर आजाद: 'कौन कह रहा था? गलत तय करोगे आप? मालिक हो क्या आप? कर्मचारी हो आप.'

इंस्पेक्टर (हाथ जोड़कर): 'सर, मैं इंस्पेक्टर हूं और इंस्पेक्टर ही रहूंगा, मैंने आपको बता दी. मैं हाथ जोड़कर बता रहा हूं.'

चंद्रशेखर आजाद: 'कौन मना कर रहा है कि आप इंस्पेक्टर नहीं हैं? कौन तय करेगा कि गाड़ी कितनी निकलेगी? क्यों गाली दे रहे हो?'

इंस्पेक्टर: 'तुम्हारे अधिकारियों का आदेश है.'

चंद्रशेखर आज़ाद: 'आपके अधिकारी मालिक नहीं हैं. लोकतंत्र है ये! गाली देकर दिखाओ आप... मुझे क्यों आना पड़ता यहां? कार्यकर्ताओं को गाली क्यों दे रहे हो?'

इस दौरान इंस्पेक्टर लगातार हाथ जोड़कर यह कहता नजर आया कि वह केवल कानून व्यवस्था के तहत अपना काम कर रहा है. इसी बीच चंद्रशेखर के समर्थकों ने भी वहां जमकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया.

'चोरी-छिपे नहीं, डंके की चोट पर मेरठ जा रहा हूं'

पुलिस से हुई इस तीखी झड़प के बाद विवाद शांत होने पर चंद्रशेखर आजाद मीडिया के सामने आए और डंके की चोट पर मेरठ जाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा 'मैं कोई चोरी-छिपे नहीं जा रहा, सबको बता कर जा रहा हूं. लोकतांत्रिक व्यवस्था और इस संवैधानिक देश में मेरठ में जो कुछ भी हुआ, वो अच्छा नहीं है. जब इतने बड़े पदों पर बैठे अधिकारी इस तरह का अमर्यादित व्यवहार करेंगे तो जनता के मन में डर पैदा होना लाजमी है.'

एसएसपी अविनाश पांडे के व्यवहार पर उठाए सवाल

चंद्रशेखर आजाद के सीधे निशाने पर मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे रहे. किसान नेता राकेश टिकैत के बयानों का समर्थन करते हुए चंद्रशेखर ने कहा 'एसएसपी का व्यवहार बिल्कुल भी गरिमामयी नहीं था. वहां कोई हथियार या डंडेबाजी नहीं हो रही थी. अगर नारेबाजी से कोई अधिकारी इतना डर जाए और थप्पड़ बजाने लगे, तो क्या भरोसा कि वो कल को गोली नहीं चला देगा? ऐसे कमजोर व्यवहार के अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.' उन्होंने आगे कहा कि वह मेरठ जाकर डीएम और एसएसपी से खुद मिलकर पूछेंगे कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों और गाड़ी में बंद लोगों के साथ ऐसा दमनकारी व्यवहार किसके इशारे पर किया.

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए युवक द्वारा पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या के कथित प्रयास की खबरों पर चंद्रशेखर ने दुख जताया. लेकिन इसे गलत कदम बताया. उन्होंने युवाओं से अपील की 'आत्महत्या कोई विकल्प नहीं है. एक बार जीवन मिला है, अन्याय के खिलाफ लड़ना सीखो, संघर्ष करो. कोर्ट खुले हुए हैं, बड़े अधिकारी मौजूद हैं. अगर आप ही मर जाओगे तो आपके हक की लड़ाई कौन लड़ेगा?'

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिसमें एसएसपी अविनाश पांडे द्वारा प्रदर्शनकारियों और विशेष रूप से वैन के भीतर एक युवक को थप्पड़ मारने के वीडियो वायरल होने के बाद अखिलेश यादव से लेकर चंद्रशेखर आजाद तक सभी विपक्षी नेता पुलिस की इस दमनकारी नीति के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं.