जो गाय को सिर्फ पशु मानते हैं, उन्हें वोट न दें, गोवर्धन में शंकराचार्य का बड़ा बयान

Mathura News: गोवर्धन पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर सरकार और राजनीतिक दलों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गाय को केवल पशु मानने वालों का समर्थन बंद होना चाहिए. उनकी ‘गौ-ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ इसी उद्देश्य को लेकर जारी है.

 Shankaracharya Avimukteshwaranand News

Shankaracharya Avimukteshwaranand News

Newzo

• 05:06 PM • 13 Jun 2026

follow google news

Mathura News: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गोवर्धन पहुंचे. यहां गौ सेवा को लेकर संतों और गोरक्षकों के साथ चर्चा की. हाल ही में विभिन्न समसामयिक मुद्दों, विशेषकर गौ-रक्षा और राजनीतिक विचारधाराओं पर अपनी बेबाक राय रखी है. 

यह भी पढ़ें...

इस दौरान यूपी सरकार पर भी उन्होने जमकर निशाना साधा. वे इन दिनों उत्तर प्रदेश में 'गौ-ध्वज स्थापना भारत यात्रा' निकाल रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलवाना है. रामचंद्र पर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दिए गए विवादित बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अदालत ने इस पर फिलहाल कुछ भी न बोलने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने संयम बरतते हुए कहा कि वे सही समय आने पर ही अपनी बात रखेंगे.

राजनीति पर कटाक्ष करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि अब हिंदुओं का नेताओं और मौजूदा राजनीतिक दलों से मोहभंग हो चुका है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जो लोग गाय को महज एक 'पशु' करार देते हैं, उन्हें वोट देना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. उनका मानना है कि जो गौ-माता का सम्मान नहीं कर सकते, वे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सकते.जब उनसे कॉकरोच पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सहज भाव से प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हर संगठन की अपनी रणनीति और कार्यप्रणाली होती है, जिसके तहत उन्होंने अनुमति ली होगी. उन्होंने इस विषय को कोई विशेष महत्व नहीं दिया.

समाजवादी पार्टी से नजदीकियों पर सफाई

समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ अपनी बढ़ती नजदीकियों की चर्चाओं पर भी शंकराचार्य ने अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी विशेष दल के साथ नहीं हैं, बल्कि यह उनके 'संस्कार' हैं जो उन्हें सभी के साथ शिष्टता से जोड़ते हैं. उन्होंने यादव समाज का बचाव करते हुए कहा कि, यादव गौ-भक्त हैं. उन्होंने साफ किया कि उनके किसी भी व्यक्ति से मिलने के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि सनातन मूल्यों और गौ-सेवा के प्रति साझा लगाव है.

गौ-माता के लिए जारी है संघर्ष

शंकराचार्य का पूरा ध्यान फिलहाल गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने पर केंद्रित है. उनकी उत्तर प्रदेश की यात्रा इसी संकल्प को दोहराने का एक माध्यम है. वे लगातार जनता को जागृत कर रहे हैं कि गौ-रक्षा केवल एक धार्मिक विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है. इस अवसर पर हरे कृष्ण चौधरी, अमित गोस्वामी, धीरज कौशिक, गुंजन शर्मा आदि उपस्थित थे.