बिलों पर 10% ईंधन अधिभार के विरोध में व्यापारियों ने जताया आक्रोश, एस. ई. को दिया ज्ञापन

Newzo

• 04:00 PM • 12 Jun 2026

Mathura News: मथुरा में बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने इसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए विद्युत नियामक आयोग से बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की है.

Mathura Traders Protest

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Mathura News: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने के विरोध में शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजी.) मथुरा के पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता राजीव गर्ग को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा.

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जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार ‘पिंटू भैया’ ने बताया कि ईंधन अधिभार लागू करने से पहले नियामक आयोग से अनुमति नहीं ली गई है. उन्होंने कहा कि पहले से ही बिजली बिलों में फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है. वाणिज्य (एलएमवी-2) श्रेणी के बिलों में फिक्स चार्ज के साथ मिनिमम चार्ज भी लिया जाता है, जबकि घरेलू, वाणिज्य एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिलों में 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़ी जा रही है.

उन्होंने कहा कि नियामक आयोग हर वर्ष उत्पादन व खर्च की समीक्षा कर जनसुनवाई के बाद बिजली दरें तय करता है. ऐसे में बीच सत्र में दरों में वृद्धि करना अनुचित है. व्यापार मंडल ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की. जिला महामंत्री बबलू सैनी ने कहा कि इस तरह की अचानक बढ़ोतरी गलत परंपरा को जन्म देगी और महंगाई बढ़ने से आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा. नगर अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद लोधी ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग और व्यापार प्रभावित होंगे तथा लागत बढ़ने से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा.नगर महामंत्री सतीश पटेल ने व्यापारियों से बढ़ी हुई दरों के खिलाफ व्यापक विरोध करने का आह्वान किया.

इस दौरान नगर कोषाध्यक्ष देवेंद्र निषाद, पवन चौधरी, जगदीश पटेल, राजू वर्मा, संजय सैनी, सूरज पटेल, ओमप्रकाश पंडित, मनोज पंडित, सलीम, वीरू लोधी सहित कई व्यापारी मौजूद रहे.