Mathura News: 18 घंटे बिजली के दावे पर किसानों का हंगामा, बिजलीघर पर जड़ा ताला; ट्रिपिंग से सिंचाई ठप

Newzo

• 05:10 PM • 24 Jul 2026

Mathura Power Crisis: मथुरा के बाजना में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से नाराज किसानों ने बिजलीघर पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया. 18 घंटे बिजली आपूर्ति के सरकारी दावे पर सवाल उठाते हुए ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने और निर्बाध बिजली देने की मांग की.

18 घंटे बिजली के दावे पर किसानों का हंगामा, बिजलीघर पर जड़ा ताला; ट्रिपिंग से सिंचाई ठप

18 घंटे बिजली के दावे पर किसानों का हंगामा, बिजलीघर पर जड़ा ताला; ट्रिपिंग से सिंचाई ठप

Google CTA

Mathura Power Crisis:  बाजना क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग के अधिकारियों के रवैये से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले बाजना बिजलीघर पर प्रदर्शन किया. जिला संयोजक चेतन नौहवार के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बिजलीघर का घेराव कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए.

यह भी पढ़ें...

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि धान और बाजरा की फसलों के लिए इस समय पर्याप्त सिंचाई की जरूरत है, लेकिन सरकार के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे के बावजूद किसानों को केवल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है. वह भी बार-बार ट्रिपिंग होने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है.

ग्रामीणों ने बताया कि रात में लगातार बिजली कटौती के कारण भीषण गर्मी और मच्छरों के बीच उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि बिजलीघर पर लगा 5 एमवीए ट्रांसफार्मर क्षेत्र के बढ़े हुए लोड के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है. किसानों ने इसकी क्षमता बढ़ाकर 10 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की.

प्रदर्शन की सूचना पर एसडीओ लाल बहादुर मौके पर पहुंचे. इस दौरान किसानों ने बिजली आपूर्ति और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई. किसान नेताओं ने कृषि कार्य के लिए 18 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बकाया होने पर किसानों के बिजली कनेक्शन न काटने और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग उठाई.

किसान नेता सोनू प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग की समस्या और अधिकारियों के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ तो किसान व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे. बाद में एसडीओ द्वारा समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया.

धरने में चेतन नौहवार, सोनू प्रधान, अजय सरपंच, करूआ सिंह, देवेंद्र सिंह, लोकेश सरपंच, रवि वाल्मीकि, प्रशांत प्रधान, आजाद भगत सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.