Mathura News: बिहार पुलिस द्वारा युवा समाजसेवी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर में मारे जाने के विरोध में सोमवार देर शाम कांग्रेस जिला कमेटी द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विकास मार्केट स्थित गांधी प्रतिमा पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में संपन्न हुआ.
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श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था और न ही वह किसी गंभीर अपराध से जुड़े थे. उन्होंने कहा कि तिवारी विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे और लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत थे.
उन्होंने आगे कहा कि जवनिया गांव, जो गंगा नदी के कटाव के कारण नदी में समाहित हो गया था, वहां के सैकड़ों परिवार विस्थापित होकर बांध पर रहने को मजबूर हैं. कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सरकार और प्रशासन द्वारा इन विस्थापितों से कई वादे किए गए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया.
मुकेश धनगर ने यह भी कहा कि भरत भूषण तिवारी विस्थापितों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे और वह लगातार सड़क, बिजली और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सक्रिय थे. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि तिवारी से कोई अपराध हुआ भी था तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाना चाहिए था, न कि इस तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए थी.
कांग्रेस नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर का आदेश देने और उसे अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.
कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव वैद्य मनोज गौड़ ने किया. श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि, जिला उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी, रूपा लवानिया, विपुल पाठक, जिलानी कादरी, आशीष अग्रवाल, अबरार कुरैशी, योगेश यादव, लक्ष्य गौड़, गौरांग अग्रवाल, अरनव चौधरी, अनवर फारुकी, अमित राज, हाशिम ह्यूमर, अनिल खरे, अभय प्रताप सिंह, बलवीर सिंह, अर्पित सिंह, योगेश ठाकुर, नवीन प्रजापति, गौरव सिंह, राजेंद्र शर्मा, दीपक मौर्य, राजेश कुमार, राकेश शुक्ला सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे.
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