Lucknow Shia Protest: मिडिल ईस्ट से आई एक बड़ी खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है और इसी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की पुष्टि कर दी गई है. जैसे ही यह खबर सामने आई, ईरान में कोहराम मच गया और दुनिया भर के शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई. भारत के लखनऊ शहर में भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, जहां गम और गुस्से का माहौल साफ नजर आया. ईरानी मीडिया ने इस हमले को आतंकवादी कार्रवाई करार दिया है जबकि ईरान की ओर से कड़े जवाब की चेतावनी दी गई है.
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सैकड़ों लड़ाकू विमानों से किया गया हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया. सैकड़ों लड़ाकू विमानों ने एक साथ हमला बोल दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया. इस हमले में ईरान को गंभीर क्षति पहुंची और इसी दौरान सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई. ईरान की ओर से उनकी मौत की पुष्टि किए जाने के बाद देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया.
लखनऊ में हजारों लोग आए सड़कों पर
खामनेई की मौत की खबर मिलते ही लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए. लोग छाती पीट-पीटकर रोते दिखाई दिए और खामनेई जिंदाबाद और अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए.
लोगों ने काले कपड़े पहने और अपने घरों व इमामबाड़ों पर काले झंडे लगाए. कई जगहों पर मजलिसों का आयोजन किया गया. शाम 8:30 बजे लखनऊ के छोटे इमामबाड़े में विरोध प्रदर्शन और ताजियती जलसा आयोजित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेताओं के पुतले फूंकने की भी बात कही गई.
मौलाना कल्बे जवाद ने की अपील
इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने समुदाय से अपील की कि लोग अपनी दुकानें बंद रखें और तीन दिन तक शोक मनाएं. ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी औपचारिक रूप से तीन दिन के शोक की घोषणा की है. लोगों से काले कपड़े पहनने, घरों पर काले परचम लगाने और खामनेई की याद में फातिहा व मजलिस आयोजित करने की अपील की गई है.
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