यूपी की राय: क्या शंकराचार्य की यात्रा का प्रशासन ने बदला रूट? भड़के लोगों ने दी 2027 की चेतावनी

Shankaracharya Lucknow Arrival: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के लखनऊ पहुंचने पर बवाल. स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर रूट बदलने और कार्यक्रम रोकने का आरोप लगाया. आशुतोष ब्रह्मचारी के दावों और 2027 के चुनावों पर देखिए जनता की राय.

यूपी तक

• 10:43 AM • 11 Mar 2026

follow google news

 शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गौ रक्षा यात्रा के लखनऊ पहुँचने पर यूपी तक ने स्थानीय लोगों और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से बातचीत की. इस दौरान लोगों ने प्रशासन के रवैये और हालिया विवादों पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया. शंकराचार्य का लखनऊ में आगमन हो चुका है. 11 मार्च को दोपहर 1:00 बजे स्मृति भवन में 'धर्म युद्ध' का शंखनाद होगा.  छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा का अनुभव बहुत सकारात्मक रहा और लोग गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित कराने के लिए एकजुट हो रहे हैं. 

यह भी पढ़ें...

प्रशासन और रूट बदलने पर नाराजगी

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने ऐन वक्त पर शंकराचार्य का तय रूट मैप बदल दिया, जिससे कई जगहों पर स्वागत की तैयारियां धरी रह गईं. लोगों का दावा है कि पुलिस प्रशासन सीधे शंकराचार्य को स्मृति भवन ले आया और उन्हें शहर के अन्य हिस्सों से गुजरने नहीं दिया गया. आरोप यह भी है कि स्मृति भवन में टेंट और कुर्सी लगाने वालों को प्रशासन द्वारा धमकाया जा रहा है ताकि कार्यक्रम को बाधित किया जा सके. 

आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर पलटवार

ट्रेन में हमले के आशुतोष ब्रह्मचारी के दावे को श्रद्धालुओं ने "नई नौटंकी" करार दिया. लोगों ने कहा कि आशुतोष पर खुद कई मुकदमे हैं और वे केवल सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं. एक स्थानीय नागरिक ने कहा कि साधु-संत ऐसे हमले की साजिश नहीं करते; आशुतोष अपने ही कुकर्मों के कारण डरे हुए हैं.

2027 के चुनावों पर असर

बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने सरकार के प्रति तीखा रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि "गौ माता" का नाम लेने वाली सरकार के राज में स्लॉटर हाउस चल रहे हैं और शंकराचार्य जैसे संतों को रोका जा रहा है. लोगों ने चेतावनी दी कि प्रशासन के इस व्यवहार और गौ रक्षा के मुद्दे पर जनता का गुस्सा 2027 के विधानसभा चुनावों में साफ दिखाई देगा.