Maulana Saidur Rahman Death: लखनऊ के मशहूर नदवा कॉलेज के प्रिंसिपल और जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना सईद उर रहमान आजमी नदवी का इंतकाल हो गया है. उनके निधन की खबर से पूरे लखनऊ और नदवा परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उनके घर पहुंचकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी और शोक जताते हुए इसे एक बहुत बड़ा नुकसान बताया. मौलाना साहब को आखिरी विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
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नदवा कॉलेज से था गहरा नाता
मौलाना सईद उर रहमान आजमी नदवी इस्लामी तालीम और अरबी भाषा के बहुत बड़े विद्वान माने जाते थे. नदवा कॉलेज से उनका रिश्ता उनके छात्र जीवन से ही रहा था. उन्होंने इसी संस्थान से अपनी पढ़ाई पूरी की और बाद में यहीं बच्चों को दीनी तालीम देने लगे. इसके साथ ही उन्होंने लंबे समय तक नदवा कॉलेज के प्रिंसिपल की जिम्मेदारी भी संभाली. वह हमेशा शिक्षा के साथ-साथ समाज में भाईचारे और इंसानियत को बढ़ावा देने की बात करते थे.
अखिलेश यादव ने दी आखिरी विदाई
मौलाना साहब के इंतकाल की खबर सुनते ही अखिलेश यादव सीधे नदवा कॉलेज पहुंचे. उन्होंने मौलाना को आखिरी सलामी दी और उनके परिवार वालों से मिलकर अपना दुख जाहिर किया. इस दौरान उनके साथ सपा नेता पूजा शुक्ला और अन्य लोग भी मौजूद रहे. इससे पहले अखिलेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था, जिसमें उन्होंने मौलाना साहब को एक नेक और इंसाफ पसंद इंसान बताते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी थी.
मौलाना का जाना बहुत बड़ा नुकसान
मौलाना के घर पहुंचकर अखिलेश यादव काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि मौलाना साहब ने अपना पूरा जीवन लोगों को पढ़ाने और उनका बेहतर भविष्य बनाने में गुजार दिया. उनका जाना समाज के लिए एक ऐसी कमी है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकता. अखिलेश ने जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज को आगे बढ़ने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है, क्योंकि शिक्षा ही इंसान को सही और गलत में फर्क करना सिखाती है.
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