रहनुमा, साबान, असलम और नैंसी... लखनऊ में नाबालिग से रेप, प्रॉस्टिट्यूशन करा रहे इन गंदे लोगों की कहानी खौफनाक

अंकित मिश्रा

• 06:58 PM • 13 May 2025

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ  के गुडंबा इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 12 साल की नाबालिग छात्रा के साथ  सामूहिक बलात्कार कर उसकी अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देने का मामला सामने आया है.  

Lucknow Crime News: Representative Image

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ  के गुडंबा इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 12 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसकी अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देने का मामला सामने आया है.  पीड़िता के परिजनों द्वारा वन स्टॉप सेंटर पर शिकायत करने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला रहनुमा, उसके साथी असलम कुरैशी और नैंसी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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क्या है पूरा मामला?

नाबालिग पीड़िता अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ रहती है. पिता लंबे समय से बीमार हैं और परिवार का गुजारा घर के किराए पर निर्भर है. पीड़िता की मां ने बताया कि जून 2024 में रहनुमा नामक महिला गर्भवती होने का हवाला देकर उनके घर में किराएदार बनकर रहने आई. इस दौरान उसने मासूम को अपनी देखभाल के लिए साथ रखने का प्रस्ताव दिया और बदले में उसने 3,000 रुपये मासिक देने का वादा किया.

कैसे बनी शिकार?

परिजनों के मुताबिक, रहनुमा ने पीड़िता को अपने घर बुलाना शुरू किया. फिर कुछ दिनों बाद उसे अनजान लोगों के साथ भेजने लगी. अगस्त 2024 में रहनुमा के पति साबान के दोस्त असलम कुरैशी और उसकी महिला मित्र नैंसी पीड़िता के घर में किरायदार के तौर पर रहने लगे.  पीड़िता के पिता ने बताया कि असलम और नैंसी ने उनकी बेटी को कई बार नशीले पदार्थ देकर बेहोश किया और उसके साथ बलात्कार कर अश्लील वीडियो बनाए. जब लड़की ने विरोध किया, तो उसे वीडियो वायरल करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई.

मामला कैसे खुला?

पीड़िता ने लगातार हो रहे शोषण और धमकियों के बारे में परिवार को तब बताया, जब वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गई. इसके बाद परिजन उसे वन स्टॉप सेंटर ले गए, जहां केंद्र प्रभारी अर्चना सिंह ने तत्काल मामले को गुडंबा थाने में दर्ज कराया. सेंटर इंचार्ज ने जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह को सूचित करते हुए पीड़िता और उसकी मां की काउंसलिंग शुरू करवाई. साथ ही, मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष भी रखा गया है.

अधिकारियों ने क्या कहा?

जिला प्रोबेशन अधिकारी विकाश सिंह ने बताया की नाबालिग लड़की की काउंसलिंग की जा रही है और विधिक सहायता भी दी जाएगी. वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी अर्चना सिंह ने कहा 'पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है. हमने उसके परिवार को कानूनी प्रक्रिया में मदद के लिए विशेषज्ञों से जोड़ा है. बाल कल्याण समिति मामले की निगरानी कर रही है और पीड़िता के सुरक्षित भविष्य के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं.' फिलहाल गुडंबा पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटा रही है.