कानपुर के महाराजपुर इलाके से एक बेहद हृदयविदारक और खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ 11 साल के मासूम छात्र दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दिव्यांश का दाखिला हाल ही में एक गुरुकुल में कराया गया था, लेकिन किसे पता था कि चंद दिनों बाद ही उसका शव घर लौटेगा. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी व्याप्त है.
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गुरुकुल संचालक पर गंभीर आरोप: गांव में शव छोड़कर हुआ फरार
परिजनों का आरोप है कि 22 अप्रैल को गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा, दिव्यांश को लहूलुहान हालत में कार से गाँव लेकर पहुँचा और उसे परिजनों के पास छोड़कर तुरंत फरार हो गया. बच्चे की हालत इतनी नाजुक थी कि अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
परिजनों के रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे:
- शरीर पर चोटों के निशान: परिजनों के मुताबिक दिव्यांश के शरीर पर बेरहमी से मारपीट, जलने और गंभीर चोटों के निशान मिले हैं.
- दुष्कर्म की आशंका: परिवार ने मासूम के साथ दुष्कर्म (SODOMY) किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है.
संदेहास्पद व्यवहार: गुरुकुल प्रशासन द्वारा बच्चे की स्थिति की जानकारी पहले न देना और फिर उसे छोड़कर भाग जाना मामले को और भी संदिग्ध बनाता है.
सतीश महाना ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए एक संयुक्त जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है.
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम का इंतजार
कानपुर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चोटों की प्रकृति और दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि हो पाएगी. फिलहाल, गुरुकुल संचालक की तलाश जारी है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है.
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