उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नौबस्ता इलाके में रविवार रात कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां मार्बल की दुकान में काम करने वाले शिवनारायण द्विवेदी अपने 2 बेटों शिवम और सत्यम के साथ बाइक से घर लौट रहे थे. रास्ते में एक अन्य बाइक से उनकी मामूली टक्कर हो गई. इस बात से गुस्साए 3 दबंग युवकों ने गाली-गलौज करते हुए तीनों पर हेलमेट और धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया.
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तड़पते रहे घायल, अस्पतालों की लापरवाही ने ली जान
दबंगों ने पिता और दोनों बेटों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा. वारदात के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को लेकर परिजन तुरंत अस्पताल भागे, लेकिन व्यवस्था की लाचारी देखिए कि घायल बेटे का समय पर इलाज कई निजी नर्सिंग होम और सरकारी अस्पताल में नहीं हो सका. इलाज में हुई इसी देरी और गंभीर चोटों के कारण आखिरकार पिता शिवनारायण द्विवेदी और उनके बड़े बेटे की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि छोटा बेटा अस्पताल में भर्ती है.
पुलिस कमिश्नर का बयान, 1 आरोपी गिरफ्तार
वारदात की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीमों का गठन कर आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इस खूनी खेल में शामिल 3 मुख्य आरोपियों में से 1 आरोपी को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार चल रहे बाकी के 2 आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, उठे सुरक्षा पर सवाल
एक ही घर के 2 चिराग बुझ जाने से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है. मृतकों के परिजन इस भयावह घटना से गहरे सदमे और आक्रोश में हैं. रोते-बिलखते परिजनों ने पुलिस प्रशासन से सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने और न्याय की मांग की है.
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