Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में भरोसे और रिश्तों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक 17 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद उसे प्यार के नाम पर जाल में फंसाया गया, करीब एक सप्ताह तक बंधक बनाकर रखा गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. पीड़िता का दावा है कि विरोध करने पर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है.
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कारगिल पार्क में हुई मुलाकात
एफआईआर के अनुसार, 17 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की की मुलाकात कानपुर के कारगिल पार्क में अरमान नाम के युवक से हुई थी. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे सोशल मीडिया व फोन पर संपर्क बढ़ता गया. पीड़िता का आरोप है कि 21 जून को आरोपी ने उसे मिलने के बहाने दोबारा पार्क बुलाया. वहां से उसे कार में बैठाकर एक मकान में ले जाया गया, जहां उसे करीब एक सप्ताह तक कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया.
धर्म परिवर्तन का दबाव
पीड़िता का आरोप है कि बंधक बनाए जाने के दौरान उस पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला गया. उसने दावा किया कि उससे जबरन कलमा पढ़वाया गया और प्रतिबंधित मांस खिलाने की भी कोशिश की गई. आरोप है कि जब उसने धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उसे गर्म चिमटे से शरीर के कई हिस्सों पर दाग दिया गया. पीड़िता का कहना है कि उसके शरीर पर गर्म लोहे के निशान इसी प्रताड़ना का परिणाम हैं. उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे दुबई घुमाने का लालच दिया, जिससे उसे आशंका हुई कि उसके साथ कोई और बड़ी साजिश रची जा रही थी.
परिजनों ने दर्ज कराई एफआईआर
पीड़िता के अनुसार, उसे किसी तरह वहां से भागने का मौका मिला, जिसके बाद वह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई. बेटी की आपबीती सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया. इसके बाद परिजनों ने रावतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की.
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सभी आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अरमान को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 27 जून को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की को दूसरे समुदाय के युवक द्वारा ले जाकर उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया है और अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई. पुलिस का कहना है कि पीड़िता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के दायरे में है और पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. हालांकि इस घटना ने सोशल मीडिया पर बनने वाले रिश्तों, भरोसे के दुरुपयोग और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस पूरे मामले में अंतिम सच पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.
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