लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ा एक्शन! KDA ने Physics Wallah समेत 22 कोचिंग संस्थान किए सील

KDA Action: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्य का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है. इस हादसे के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में 'फिजिक्स वाला' सहित कई प्रमुख कोचिंग हब में बड़े पैमाने पर छापेमारी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है.

यूपी तक

• 11:21 AM • 23 Jun 2026

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KDA Action: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्य का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है. इस हादसे के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में 'फिजिक्स वाला' सहित कई प्रमुख कोचिंग हब में बड़े पैमाने पर छापेमारी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है. दरअसल लखनऊ की एक बिल्डिंग में भयानक आग से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस आगजनी के दौरान जान बचाने के लिए लोगों को खिड़कियों से कूदना पड़ा और तारों के सहारे लटकर बाहर निकलना पड़ा था. 

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फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग सील

कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की टीम ने शहर के मशहूर कोचिंग हब काकादेव इलाके में विशेष अभियान चलाया. इस कार्रवाई के तहत नामी संस्थान 'फिजिक्स वाला' (Physics Wallah) समेत कुल 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है. जांच टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर उन संस्थानों को चिह्नित किया, जहां नियमों का पालन नहीं हो रहा था. कार्रवाई के दौरान पहले छात्रों और कर्मचारियों से बिल्डिंग को खाली कराया गया और उसके बाद संस्थानों को सील कर दिया गया.

सुरक्षा मानकों की उड़ी थी धज्जियां

इस जांच अभियान में मुख्य रूप से दो मानकों को परखा गया. पहला विकास प्राधिकरण के बिल्डिंग निर्माण से जुड़े मानक और दूसरा अग्निशमन (फायर) विभाग के नियम. जांच में देखा गया कि आपात स्थिति या आग लगने पर बचाव के क्या उपाय हैं. कई संस्थानों में वाटर स्प्रिंकलर और फायर सेफ्टी उपकरणों जैसे जरूरी इंतज़ाम पूरी तरह से नदारद मिले. कानपुर विकास प्राधिकरण के मुताबिक, पहले चरण में 22 संस्थानों को सील किया गया है और बाकी की जांच अभी लगातार चल रही है.

बड़े हादसे के बाद जागा प्रशासन

प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग सवाल भी उठा रहे हैं कि विभाग को जागने के लिए क्या इतने बड़े हादसे का इंतज़ार था? लोगों का आरोप है कि शहर में लंबे समय से बिना सुरक्षा मानकों के यह कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, लेकिन इनकी कभी नियमित जांच नहीं की गई. नागरिकों का मानना है कि अगर विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग समय-समय पर इमारतों का निरीक्षण करते रहते, तो लखनऊ जैसी दर्दनाक घटना से बचा जा सकता था.

सीएम योगी ने लिया सख्त संज्ञान

लखनऊ में हुए इस दर्दनाक अग्निकांड का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से संज्ञान लिया है. सीएम योगी खुद देर शाम अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और वहां बारीकी से निरीक्षण किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने अगले दिन के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और अधिकारियों के साथ वहीं रुककर समीक्षा बैठक की. अब माना जा रहा है कि पूरे प्रदेश में आवासीय इलाकों में चल रहे कमर्शियल संस्थानों पर जल्द ही बड़ी गाज गिर सकती है.