Shalu Exclusive Interview: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में 21 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आईं शालू मिनोचा ने पहली बार कैमरे के सामने अपनी बात रखी है. पुलिस ने शुरुआत में उन्हें हत्या की साजिश का हिस्सा माना था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद उनकी भूमिका सामने नहीं आई. कोर्ट के आदेश के बाद शालू की रिहाई हुई. 'यूपी Tak' से एक्सक्लूसिव बातचीत में शालू ने कहा कि उन्हें अपने पति सुब्रत की कथित साजिश की बिल्कुल जानकारी नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी तक इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि सुब्रत ने ऐसा कुछ किया होगा. रिहाई के बाद उनकी सबसे बड़ी चिंता अपने छोटे बच्चे से मिलने की है.
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शालू ने कहा- सब कुछ शॉकिंग था
शालू से जब पूछा गया कि क्या उन्हें कभी अंदाजा था कि उनके पति सुब्रत इस तरह की किसी योजना में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी. शालू ने कहा, 'नहीं, मुझे बिल्कुल भी आइडिया नहीं था इस चीज का कि सुब्रत या कोई... मुझे बिल्कुल आइडिया ही नहीं था कि ये सब क्या हुआ है. मेरे लिए तो बिल्कुल शॉकिंग सिचुएशन थी. जो हुआ है, जो भी मेरे साथ हुआ है, जैसे भी मेरे साथ हुआ है, मेरे लिए शॉकिंग था.' उन्होंने यह भी कहा कि अभी वह ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि पूरी घटना को समझ या स्वीकार कर पाएं.
घर में क्या चल रहा था पता नहीं चला: शालू
हत्या वाले दिन सामने आए CCTV में शालू और सुब्रत को पार्टी में साथ देखा गया था. इस बारे में शालू ने बताया कि वह और सुब्रत पार्टी में थे और उन्होंने वहां काफी एंजॉय किया. उन्होंने कहा, 'हम लोग बाकी पार्टी में थे. बहुत एंजॉय किया. हम लोग वहां पर होस्ट थे, तो जल्दी गए थे. कुछ भी मुझे आइडिया नहीं था कि ये सब कुछ प्लान्ड है या कुछ. मुझे कुछ आइडिया नहीं था किसी चीज का भी.' शालू के मुताबिक उस दौरान उन्हें सुब्रत के मन में चल रही किसी योजना का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ.
ससुर के बारे में क्या बताया?
शालू ने बताया कि सुब्रत और उनके पिता के बीच मतभेद जरूर थे, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मामला इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा, 'डिफरेंसेज जरूर थे दोनों के बीच में. मगर कभी मैंने ये नहीं सोचा था कि इतनी हद तक चीजें बेकार हो जाएंगी, इतने हद तक चीजें खराब हो जाएंगी.' शालू के मुताबिक वह परिवार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती थीं. उन्होंने कहा कि दुकान में क्या होता था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी क्योंकि दुकान से उनका कोई लेन-देन नहीं था. महिलाओं से जुड़े किसी विवाद की बात भी उनके सामने कभी नहीं उठी. उन्होंने सुब्रत को 'सीक्रेटिव' स्वभाव का बताया और कहा कि वह बातें जल्दी शेयर नहीं करते थे.
विशाल को लेकर बोलीं- सिर्फ फूल मंगवाए थे
हत्या की जांच में पूर्व कर्मचारी विशाल से बातचीत को भी अहम माना गया था. शालू ने इस बारे में कहा कि विशाल छोटे-मोटे काम करता था और उन्हें उसके पीछे चल रही किसी योजना की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी की तैयारी के दौरान उन्होंने विशाल से फूल मंगवाए थे. शालू ने कहा, 'उसका फोन आया. मैं तो उस दिन बिजी थी जन्माष्टमी की सब तैयारी करने में. मैंने फूल-वूल मंगवाए थे उससे. बस फूल मंगवाए थे, दिया और बस इतना ही था. बाकी उसी ने मुझे फोन किया था, मैंने नहीं किया था.' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कुछ प्लान किया जा रहा है.
गार्ड से एंट्री को लेकर क्या कहा गया था?
घर में विशाल की एंट्री को लेकर भी शालू से सवाल किया गया. उन्होंने बताया कि उन्होंने गार्ड से सिर्फ अपने स्टाफ को अंदर आने देने के लिए कहा था. शालू ने कहा, 'मैंने बस ये बोला था कि मेरा स्टाफ आ रहा है, उसको आने दीजिएगा बस. इसके अलावा मेरे स्टाफ की नीचे कोई गार्ड से बात नहीं हुई थी. उन्होंने जिस नाम से एंट्री करी. बस मैंने ये जरूर कहा था कि मेरा स्टाफ आ रहा है, उसको आने दीजिएगा.' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने रजिस्टर में एंट्री नहीं करने को कहा था, तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज किया. शालू बोलीं, 'बिल्कुल नहीं. ये झूठ है, ये बिल्कुल झूठ है. मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा था कि उसकी एंट्री मत करिएगा.' उन्होंने यह भी बताया कि किसी के आने पर रजिस्टर में एंट्री होती है.
'रिश्ते पर फैसला लेने की स्थिति में नहीं'
शालू ने कहा कि उन पर जो बीता, उसे लेकर उन्हें गहरा दुख है. उन्होंने कहा, 'मैं समझ ही नहीं पा रही हूं कि क्या हुआ है मेरे साथ एकदम से. बिना कुछ करे मुझे इतनी सजा मिली. मैंने कुछ भी नहीं किया.' उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस के सामने सुब्रत से पूछताछ के दौरान उन्होंने ज्यादा बात नहीं की. सुब्रत बार-बार यही कह रहे थे कि उन्होंने कुछ नहीं किया है. शालू ने कहा कि अभी भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि सुब्रत ने यह सब किया. पति के साथ आगे रिश्ते कैसे रहेंगे या वह उन्हें सपोर्ट करेंगी या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार किया. उन्होंने कहा, 'मैं इस जवाब नहीं देना चाहती इस चीज का, क्योंकि मैं अभी इस स्टेट में नहीं हूं कि मैं कुछ रिश्ते सोच पाऊं. इस समय सिर्फ मुझे अपने बच्चे से मिलने का हो रहा है, बस.'
'अभी मुझे सिर्फ अपने बच्चे से मिलना है'
जेल से बाहर आने के बाद शालू ने कहा कि फिलहाल उनके दिमाग में सबसे ज्यादा अपने बच्चे से मिलने की बात चल रही है. इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बच्चा चार साल का है और उसे पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है. शालू ने कहा, 'अभी कुछ भी नहीं पता. वो मेरी मम्मी के पास है, मेरी बहन के पास है. अभी उसे कुछ भी नहीं पता है. ना मैं कभी बताना चाहूंगी उसको.' उन्होंने आगे की जिंदगी को लेकर भी कहा कि अभी उन्होंने कुछ नहीं सोचा है और उन्हें खुद को संभालने के लिए समय चाहिए. शालू ने कहा, 'मुझे थोड़ा टाइम लगेगा अपने आप को संभाल लेने में.' बातचीत के आखिर में उन्होंने कहा, 'मैं बस थैंक यू करना चाहती हूं कि उन्होंने... शिवाकांत दीक्षित ने मुझे जस्टिस दिलाया है.' अब इस मामले में आगे की पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी.
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