करोड़पति विनीत मनोचा हत्याकांड में सामने आई पूरी सच्चाई! बेटा सुब्रत निकला मास्टरमाइंड, अब बहू शालू जेल से आएगी बाहर?

सिमर चावला

• 08:49 AM • 26 Sep 2026

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत मनोचा की गिरफ्तारी के बाद जांच की तस्वीर बदल गई है. शुरुआती जांच में बहू शालू पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है.

Kanpur Vinay Manocha Murder Case

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Kanpur Vinay Manocha Murder Case: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत मनोचा की गिरफ्तारी के बाद जांच की तस्वीर बदल गई है. शुरुआती जांच में बहू शालू पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है. पुलिस के मुताबिक नौकर विशाल के बयान सोसाइटी में एंट्री, घर की चाबी और जियो सिम से जुड़े मामलों में सुब्रत की भूमिका सामने आई है. हालांकि, शालू को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है और जांच जारी है.

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शालू पर पुलिस ने क्या कहा?

कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 5 सितंबर को विनीत मनोचा की हत्या हुई थी. शुरुआत में पुलिस ने बहू शालू के साथ आरोपी विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बाद में अन्य साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की जांच में पुलिस को सुब्रत की भूमिका के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने अपनी लीगल टीम के साथ बैठक कर कोर्ट में चार प्रमुख बिंदुओं पर रिपोर्ट दाखिल की.

विशाल के बयान को पुलिस ने बताया झूठा

पुलिस के मुताबिक शुरुआत में नौकर विशाल ने बयान दिया था कि 'शालू भाभी' ने हत्या के लिए कहा था. हालांकि, अब पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि विशाल का यह बयान पूरी तरह झूठा था. पुलिस के अनुसार यह बयान सुब्रत के इशारे पर दिलवाया गया था, ताकि जांच को शालू की तरफ मोड़ा जा सके. इस रिपोर्ट के बाद शालू की भूमिका को लेकर जांच की दिशा बदल गई है.

सोसाइटी में 'शुभम' नाम से हुई थी एंट्री

जांच में सोसाइटी के रजिस्टर में हुई एंट्री भी अहम कड़ी बनी. सोसाइटी के गार्ड ने बताया था कि शालू ने आरोपी विशाल की एंट्री 'शुभम' नाम से कराई थी. पुलिस के अनुसार सुब्रत ने ही शालू से यह एंट्री कराई थी. उसने शालू से कहा था कि उसके पिता विशाल को पसंद नहीं करते, इसलिए फर्जी नाम से एंट्री कराई जा रही है. उस दिन विशाल को गजरा और चश्मा लाने के बहाने बुलाया गया था.

घर की चाबी और डुप्लीकेट का पूरा मामला

घर की चाबी को लेकर भी जांच में अलग तस्वीर सामने आई. विशाल ने दावा किया था कि घर की चाबी उसे शालू ने दी थी. लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि चाबी शालू ने नहीं, बल्कि सुब्रत ने खुद कानपुर के गुमटी नंबर 5 इलाके से डुप्लीकेट बनवाई थी. पुलिस के मुताबिक शालू पर आरोप लगाने के लिए विशाल को भी यही बात बताने के लिए सिखाया गया था.

जियो सिम ने भी खोली जांच की नई कड़ी

हत्या में इस्तेमाल की गई नई जियो सिम को लेकर भी पुलिस ने कोर्ट में जानकारी दी है. पुलिस के अनुसार इस सिम से विशाल ने सुब्रत और शालू दोनों से बात की थी. जांच में सामने आया कि विशाल का यह नया नंबर सुब्रत ने ही शालू को दिया था और विशाल को भी इसी नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया था. इन कॉल डिटेल्स को पुलिस ने जांच में अहम माना है.

40 लाख का कर्ज और पिता की संपत्ति बनी वजह

पुलिस के मुताबिक सुब्रत आईपीएल सट्टेबाजी और जुए में करीब 40 लाख रुपये से अधिक के कर्ज में डूब चुका था. उसके पिता उसे हर महीने करीब 40 हजार रुपये देते थे, जबकि उसकी बैंक किश्तें 55 हजार रुपये प्रतिमाह थीं. पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि उसके पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और उसे डर था कि कहीं वह अपनी पूरी संपत्ति किसी अन्य महिला के नाम न कर दें. पुलिस के अनुसार, इसी डर और संपत्ति पाने के लालच में सुब्रत ने पिता की हत्या के लिए विशाल को 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी. पुलिस का आरोप है कि सुब्रत ने ऐसी साजिश रची, जिससे हत्या का शक शालू पर जाए.