कोचिंग सेंटर और रेस्टोरेंट हुआ सील, कानपुर में यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई की बिल्डिंग पर लटका ताला

कानपुर में चल रहे सीलिंग अभियान के दौरान केडीए ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई की बिल्डिंग में बेसमेंट से संचालित कोचिंग सेंटर और रेस्टोरेंट को सील कर दिया. कार्रवाई के बाद मामले की चर्चा तेज है.

Kanpur KDA sealing drive targets illegal basement coaching centers

Kanpur KDA sealing drive: illegal basement coaching center and restaurant sealed

सिमर चावला

• 09:24 AM • 25 Jun 2026

follow google news

Satish Mahana Brother Building News: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में चल रहे सुरक्षा और सीलिंग अभियान के तहत कानपुर में बड़ी कार्रवाई सामने आई है. कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने जाजमऊ क्षेत्र में कई इमारतों की जांच की और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की. इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई की एक बिल्डिंग में बेसमेंट से संचालित गतिविधियों पर भी केडीए की नजर पड़ी. जांच के बाद वहां चल रहे कोचिंग सेंटर और रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया.

यह भी पढ़ें...

बेसमेंट में चल रही थीं व्यावसायिक गतिविधियां

जांच के दौरान केडीए की टीम संबंधित भवन तक पहुंची, जहां बेसमेंट में कोचिंग संस्थान संचालित होता मिला. अधिकारियों ने निरीक्षण में पाया कि भवन में सुरक्षा से जुड़े कई नियमों की अनदेखी की जा रही थी. इसके अलावा उसी बेसमेंट में एक रेस्टोरेंट का संचालन भी किया जा रहा था. प्रशासन की ओर से इसे नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की गई. इसके बाद कोचिंग सेंटर और रेस्टोरेंट दोनों को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में चलाया जा रहा है.

रसूखदार परिवार तक पहुंची कार्रवाई

कानपुर विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि जांच की जद में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के परिवार से जुड़ी बिल्डिंग भी आ गई. अभियान के दौरान अधिकारियों ने अन्य भवनों की तरह इस इमारत का भी निरीक्षण किया. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है और सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई की जा रही है.

बिट्टू महाना ने उठाए सवाल

कार्रवाई के बाद सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना ने केडीए के रवैये पर सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि पूरे कानपुर में कई स्थानों पर बेसमेंट का उपयोग विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जा रहा है और केवल उनकी बिल्डिंग ही ऐसा मामला नहीं है. उन्होंने दावा किया कि भवन को सील करने से पहले कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया. बिट्टू महाना के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि जो भी आवश्यक निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद सीधे सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई.

प्रदेशभर में जारी है निरीक्षण अभियान

गौरतलब है कि अलीगंज अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच तेज कर दी है. विभिन्न जिलों में प्रशासन, विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें निरीक्षण कर रही हैं. कानपुर में हुई यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और बेसमेंट के अवैध उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.