कानपुर में बचपन के दोस्त के नारियल ठेले पर रुका ब्रजेश पाठक का काफिला, डिप्टी CM की यूं हुई भरत तिवारी से मुलाकात!

यूपी तक

• 05:19 PM • 15 Aug 2026

कानपुर में डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का काफिला बचपन के दोस्त भरत तिवारी का नारियल ठेला देखकर रुक गया. पाठक ने ठेले पर बैठकर नारियल पानी पिया और दोस्त का हालचाल लिया.

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कानपुर के रतन लाल नगर में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का काफिला उस वक्त अचानक रुक गया, जब उनकी नजर सड़क किनारे नारियल का ठेला लगाए भरत तिवारी पर पड़ी. ब्रजेश पाठक ने भरत को पहचान लिया और गाड़ी से उतरकर सीधे उनके पास पहुंच गए. इसके बाद डिप्टी सीएम ठेले के पास रखे स्टूल पर बैठकर नारियल पानी पीने लगे. खास बात यह रही कि भरत तिवारी कोई अनजान शख्स नहीं, बल्कि ब्रजेश पाठक के बचपन के दोस्त हैं. दोनों बचपन में साथ पहलवानी किया करते थे. इस मुलाकात का वीडियो अब चर्चा में है.

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तिरंगा यात्रा के दौरान अचानक रुक गया काफिला

जानकारी के मुताबिक, कानपुर के रतन लाल नगर में तिरंगा यात्रा के दौरान ब्रजेश पाठक का काफिला सड़क से गुजर रहा था. इसी दौरान उनकी नजर नारियल बेच रहे भरत तिवारी पर पड़ी. दोनों की नजर मिली और ब्रजेश पाठक ने भरत को पहचान लिया. इसके बाद डिप्टी सीएम ने अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से उतरकर भरत के ठेले पर पहुंच गए. उन्होंने वहां रखे स्टूल पर बैठकर नारियल पानी पिया और भरत का हालचाल पूछा.

बचपन में साथ करते थे पहलवानी

भरत तिवारी के मुताबिक, उनकी और ब्रजेश पाठक की काफी पुरानी दोस्ती है. दोनों बचपन में पहलवानी के शौकीन थे और इसी दौरान उनकी मुलाकात होती थी. समय के साथ दोनों की जिंदगी अलग दिशा में चली गई. भरत तिवारी सड़क किनारे नारियल बेचने लगे, जबकि ब्रजेश पाठक उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बन गए. लेकिन जब दोनों का आमना-सामना हुआ तो पुरानी दोस्ती के बीच पद और प्रोटोकॉल नजर नहीं आया.

ठेले पर बैठकर पिया नारियल पानी

ब्रजेश पाठक ने भरत के ठेले पर बैठकर नारियल पानी पिया. भरत ने बताया कि डिप्टी सीएम ने नारियल पानी पीने के बाद पैसे देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पैसे लेने से मना कर दिया. भरत ने इस मुलाकात को लेकर कहा कि उनकी और ब्रजेश पाठक की दोस्ती कृष्ण-सुदामा जैसी है. उन्होंने डिप्टी सीएम की तारीफ करते हुए कहा कि इतने बड़े पद पर होने के बावजूद उनका छोटी सी दुकान पर आना उनका बड़प्पन है.

हाथ में चोट देख पूछा- इंजेक्शन लगवाया?

मुलाकात के दौरान ब्रजेश पाठक की नजर भरत के हाथ पर लगी चोट पर भी गई. उन्होंने भरत से पूछा कि चोट कैसे लगी. भरत ने बताया कि नारियल काटने वाले चापड़ से चोट लगी है. इसके बाद डिप्टी सीएम ने पूछा कि टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया है या नहीं. भरत ने बताया कि उन्होंने इंजेक्शन लगवा लिया है. ब्रजेश पाठक ने डॉक्टर को भेजने की बात भी कही, लेकिन भरत ने इसकी जरूरत नहीं बताई. जाने से पहले ब्रजेश पाठक ने भरत के गले में गमछा भी डाल दिया, जिसे उन्होंने अपनी ओर से उपहार के तौर पर दिया.

बोले- कोई दिक्कत हो तो बताना

भरत तिवारी ने बताया कि डिप्टी सीएम ने उनसे कहा कि कोई परेशानी हो तो बताना. भरत ने भी उनके लिए आगे बढ़ते रहने की कामना की. भरत के मुताबिक, दोनों के बीच मुलाकात के दौरान हालचाल और दूसरी बातें भी हुईं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी उनकी मुलाकात होती रहेगी.

सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में आया वीडियो?

आमतौर पर वीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान सड़क किनारे मौजूद लोग रास्ते से हटते नजर आते हैं. लेकिन यहां स्थिति अलग रही. ब्रजेश पाठक का काफिला ही सड़क किनारे रुक गया और डिप्टी सीएम अपने पुराने दोस्त के नारियल के ठेले पर बैठ गए. न कोई बड़ा मंच था और न ही कोई वीआईपी सोफा. सड़क किनारे ठेला, स्टूल और बचपन के दोस्त के साथ हुई इस मुलाकात का वीडियो अब चर्चा में है. इस मुलाकात के जरिए ब्रजेश पाठक और भरत तिवारी की पुरानी दोस्ती की तस्वीर सामने आई है.

यहां देखें पूरा वीडियो