Gorakhpur News: गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोरदार हंगामा और हाथापाई हो गई. यह विवाद एमएलसी चुनाव की रणनीति पर चर्चा के दौरान केवल एक कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ था. पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना साहनी और अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच जमकर गाली-गलौज हुई, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है.
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कुर्सी बैठने को लेकर हुआ विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंशुमान सिंह ने पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना साहनी को अपने बगल वाली कुर्सी पर बैठने के लिए कहा था. लेकिन उस कुर्सी पर पहले से ही काजल निषाद बैठी हुई थीं. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में नाराजगी बढ़ गई और समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते यह बहस हाथापाई और गाली-गलौज में बदल गई. बाद में वहां मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किसी तरह बीच-बचाव करके मामले को शांत कराया.
पार्टी की छवि को पहुंचा नुकसान
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति का संदेश देना था. लेकिन बीच में हुई इस मारपीट ने समाजवादी पार्टी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है. अंशुमान सिंह को एक विवादित व्यक्ति माना जाता है, जिन्हें अधिकारियों ने अपराधी के रूप में भी चिन्हित किया है.
नेताओं ने उठाए भेदभाव के सवाल
इस विवाद के बाद समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि पिछड़े समाज से होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. वे अपने सम्मान और मर्यादा के लिए यह आवाज उठा रहे हैं. इस घटना से यह बात सामने आई है कि पार्टी के अंदरूनी संघर्ष चुनाव में बड़ी चुनौती बन सकते हैं. कई नेताओं का मानना है कि पार्टी की एकता बनाए रखने के लिए ऐसे मतभेदों को सिर्फ बातचीत और शांति से सुलझाना चाहिए.
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