Gorakhpur MLC Election: गोरखपुर में एमएलसी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है. पार्टी से 26 सालों से जुड़े वरिष्ठ नेता संजय त्रिपाठी ने टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा भी उतार दिया है. इस बार के चुनाव में भाजपा ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिस फैसले से संजय त्रिपाठी काफी आहत हैं और उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
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टिकट कटने पर छलका दर्द
संजय त्रिपाठी का कहना है कि उनके पास राजनीति का 26 साल का लंबा अनुभव है. उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पार्टी के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में अपना योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि इतनी कड़ी मेहनत के बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका टिकट काट दिया. यह बात बताते हुए वह काफी भावुक हो गए और उन्होंने अपनी मेहनत को नजरअंदाज किए जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया.
इसे बगावत नहीं लोकतांत्रिक अधिकार मानें
निर्दलीय चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर संजय त्रिपाठी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से एक खास अपील की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके इस कदम को पार्टी से बगावत के रूप में न देखा जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है और वह सिर्फ अपने उसी अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. नाराजगी के बावजूद उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में भी पार्टी के लिए काम करने की इच्छा रखते हैं.
सच्चे कार्यकर्ताओं की अनदेखी से नाराजगी
संजय त्रिपाठी ने पार्टी के भीतर बाहरी लोगों को ज्यादा महत्व और प्राथमिकता दिए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी में सच्चे और पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी हो रही है, जो बिल्कुल गलत है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर भविष्य में भी यही सिलसिला चलता रहा, तो पार्टी के अन्य नेताओं में भी नाराजगी बढ़ेगी और वे भी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए आगे आ सकते हैं.
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