गोरखपुर के निखिल और अनीश साहनी को महाराष्ट्र में बकरे काटने वाले चाकू से मार दिया गया, चाचा ने बताई आंखों देखी

गोरखपुर के पिछौरा गांव के दो सगे भाइयों की महाराष्ट्र के मालेगांव में गला रेतकर हत्या. परिजनों ने साथ काम करने वाले राजा और अली पर लगाया आरोप. सीएम योगी से न्याय की मांग.

यूपी तक

• 07:30 PM • 10 Apr 2026

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गोरखपुर के दो युवक निखिल साहनी और अनीश साहनी की महाराष्ट्र के मालेगांव (अयोध्या नगर) में नृशंस हत्या कर दी गई है. दोनों भाई वहां पेंट-पॉलिश का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 2:30 बजे हमलावरों ने सो रहे भाइयों पर धारदार हथियार से हमला किया.

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चाचा बचाओ- चश्मदीद की जुबानी खौफनाक मंजर

मृतकों के चाचा दुर्गेश साहनी जो घटना के वक्त बगल के कमरे में ही मौजूद थे उन्होंने बताया कि उनकी नींद अनीश की चीख सुनकर खुली. अनीश चिल्ला रहा था, "चाचा मुझे बचाओ." जब दुर्गेश ने बाहर आने की कोशिश की, तो उनका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया था ताकि वे मदद न कर सकें.

दुर्गेश के अनुसार, हमलावरों ने बकरा काटने वाले चाकू का इस्तेमाल किया था. उन्होंने बताया कि अनीश ने मरने से पहले हमलावरों के नाम राजा और अली बताए थे, जो उनके साथ ही काम करते थे. हमलावरों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि गले पर 20-25 वार किए गए.

उजड़ गया परिवार, अब कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

यह परिवार पहले ही पिता के साये से महरूम था, जिसके बाद बड़े बेटे अनीश ने जिम्मेदारी संभाली थी. निखिल और अनीश की मौत के बाद घर में अब केवल उनकी बुजुर्ग माता, एक बहन और अनीश की पत्नी बची हैं. अनीश का एक साल का छोटा बेटा है और उनकी पत्नी गर्भवती हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और घर में अब कोई कमाने वाला पुरुष सदस्य नहीं बचा है.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और सीएम योगी से गुहार

घटना को 3-4 दिन बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कोई ठोस उपलब्धि हासिल न होने से परिजनों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों और परिजनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी से न्याय की गुहार लगाई है. परिजनों का कहना है कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, फिर भी उन्हें न्याय की उम्मीद धुंधली नजर आ रही है. उन्होंने मांग की है कि हत्यारों को सख्त से सख्त सजा मिले और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व जीविका के लिए सरकारी मदद या नौकरी दी जाए.