देश सेवा का जज्बा लेकर भीषण गर्मी और चिलचिलाती लू के बीच दूर-दूर से एसएससी जीडी (SSC GD) की ऑनलाइन परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उन्हें परीक्षा केंद्र के दरवाजे से ही वापस लौटा दिया गया. मामला गोरखपुर के ऐतिहासिक सेंट एंड्र्यूस कॉलेज का है, जहां सेंटर की क्षमता केवल 250 अभ्यर्थियों की थी. लेकिन आयोग द्वारा वहां 500 छात्रों का अलॉटमेंट कर दिया गया. आधे बच्चों को सीट न मिलने और परीक्षा से वंचित किए जाने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा व धरना-प्रदर्शन किया. पुलिस प्रशासन के दखल और एसएससी द्वारा प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराने के आधिकारिक नोटिस के बाद मामला शांत हुआ.
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"2200 किलोमीटर दूर से आए हैं, हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों?"
चिलचिलाती धूप में परीक्षा देने पहुंचे छात्रों का आरोप है कि दोपहर 3:00 बजे की शिफ्ट के लिए वे समय से पहले ही गेट पर आ गए थे. 4:00 बजे गेट बंद होने के दौरान आधे बच्चों को तो एंट्री दे दी गई. लेकिन बाकी बच्चों को यह कहकर रोक दिया गया कि अंदर सीटें फुल हो चुकी हैं.
गुस्साए अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर 'मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए कहा 'हम लोग इतनी दूर-दूर से, कुछ बच्चे तो 2200 किलोमीटर का सफर तय करके आए हैं. यहां आने पर बोल रहे हैं कि एडमिट कार्ड जमा कर दो, दोबारा नोटिफिकेशन जाएगा. इस महंगाई में पेट्रोल तक नहीं मिल रहा है, हम दोबारा कैसे आएंगे? इसका क्या प्रूफ है कि दोबारा परीक्षा होगी? यह हमारे भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है. हम देश के लिए लड़ने को तैयार हैं, लेकिन यहां का नियम-कानून ही खराब है.'
सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
भीषण गर्मी में परीक्षा से वंचित किए जाने के बाद सैकड़ों छात्र सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया. माहौल बिगड़ता देख एएसपी और कैंट थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची. काफी देर की समझाइश के बाद पुलिस ने छात्रों को सड़क से हटाकर कॉलेज गेट के अंदर किया. शाम करीब 7:00 बजे तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने छूटे हुए अभ्यर्थियों से उनके एडमिट कार्ड लिए और परीक्षा कराने वाली एजेंसी से बातचीत कर दोबारा एग्जाम कराने का भरोसा दिया.
"सुबह ही पता चल गया था टेक्निकल इशू"
जब इस अव्यवस्था को लेकर मीडिया ने सेंटर इंचार्ज से सवाल किया, तो उन्होंने इसे तकनीकी खराबी बताया. सेंटर इंचार्ज ने कहा कि 'सीट अलॉटमेंट में कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण गलती से क्षमता से ज्यादा बच्चों का शेड्यूल इस सेंटर पर हो गया था. हमारे पास जितनी सीटें (250) थीं, उतने बच्चों को हमने अंदर ले लिया, बाकी को नहीं ले सकते थे. हमने पीछे बोर्ड (एजेंसी) से बात की है, उन्होंने कल की डेट में या छात्र जो भी डेट चाहें, उसमें री-एग्जाम कराने की सहमति दी है. हमें सुबह ही इस तकनीकी दिक्कत का पता चल गया था और हम बच्चों को इन्फॉर्म कर रहे थे."
जब गैर-जनपद और दूर-दराज से आए बच्चों के रुकने-ठहरने और उनके पास पैसे न होने का सवाल पूछा गया, तो इंचार्ज ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला उनके हाथ में नहीं है और इसके लिए अभ्यर्थी एसएससी के हेल्पलाइन नंबर पर बात कर सकते हैं.
एसएससी (SSC) ने नोटिस जारी कर रद्द की परीक्षा
इस भारी हंगामे और अव्यवस्था के बीच कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने तुरंत कदम उठाते हुए एक आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है. आयोग ने इस गड़बड़ी से प्रभावित हुए परीक्षा केंद्रों की संबंधित शिफ्ट की परीक्षाओं को रद्द करने की सूचना चसपा कर दी है. आयोग ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी वैध आवेदक का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को परीक्षा का दोबारा मौका मिलेगा और री-एग्जाम की नई तारीखों के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द ही एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिए जाएंगे.
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