'मैं सांसद बनना डिजर्व करता हूं लेकिन...' बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर दिया बड़ा बयान

अंचल श्रीवास्तव

• 02:46 PM • 07 Aug 2026

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा की 'सत्यमेव रैली' के बाद अपने राजनीतिक भविष्य, अदालत से मिली राहत, कानून की समीक्षा की मांग और विपक्ष पर खुलकर बयान दिया.

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Brij Bhushan Sharan Singh: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में आयोजित 'सत्यमेव रैली' के बाद कई राजनीतिक और कानूनी मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह सांसद बनने के लिए खुद को योग्य मानते हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी और जनता का होगा.

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इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ चले यौन उत्पीड़न मामले, कानून के कथित दुरुपयोग, अयोध्या के संतों की मांग और विपक्ष की राजनीति पर भी टिप्पणी की. उनके बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं.

'मैं डिजर्व करता हूं, लेकिन पार्टी से ऊपर नहीं हूं'

बृजभूषण शरण सिंह से जब उनके राजनीतिक भविष्य और सांसद बनने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह खुद को इस पद के लिए योग्य मानते हैं, लेकिन फैसला पार्टी का होगा. उन्होंने कहा, "अगर पार्टी विचार करेगी तो जनता भेजेगी. मैं सांसद बनने के लिए डिजर्व करता हूं, लेकिन मैं पार्टी से ऊपर नहीं हूं."

'बाइज्जत बरी होने से संतोष मिला'

पूर्व सांसद ने अपने खिलाफ चले मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी किया. उन्होंने कहा कि अगर अदालत कहती कि सबूतों के अभाव में उन्हें छोड़ा गया है तो उन्हें दुख होता. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 42 प्रभावशाली लोग शामिल थे.

कानून की समीक्षा की मांग दोहराई

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अयोध्या के संत यौन उत्पीड़न से जुड़े कानून की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. उनके मुताबिक, संतों का कहना है कि कानून का दुरुपयोग रुकना चाहिए क्योंकि इससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वह भी इस मांग से सहमत हैं. उनके अनुसार, कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन इसका कथित दुरुपयोग रोकने के लिए समीक्षा की जरूरत है. यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं.

'दुनिया में इतना बड़ा आंदोलन नहीं हुआ'

पूर्व सांसद ने कहा कि उनके खिलाफ चला आंदोलन दुनिया में यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर हुए सबसे बड़े आंदोलनों में से एक था. उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर केवल उन पर ही नहीं, बल्कि कुश्ती से जुड़े खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर भी पड़ा.

उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों में भी भरोसा बढ़ेगा. यह भी उनका निजी दावा है.

हाई कोर्ट जाने के अधिकार पर क्या बोले?

जब उनसे पूछा गया कि अगर शिकायतकर्ता हाई कोर्ट जाते हैं तो क्या वह भी कानूनी कार्रवाई करेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट जाना हर व्यक्ति का अधिकार है. उन्होंने कहा कि पहले पूरी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने दी जाए. उसके बाद ही वह तय करेंगे कि आगे उन्हें कोई कानूनी कदम उठाना है या नहीं.

विपक्ष पर साधा निशाना

बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी लड़ाई अपने मुद्दों पर नहीं लड़ता.

उन्होंने कहा, "विपक्षी दल कभी अपने एजेंडे पर जंतर-मंतर नहीं गए. कभी किसानों के पीछे, कभी शाहीन बाग, कभी महिलाओं और अब बच्चों के पीछे खड़े होकर राजनीति करते हैं. इनमें सीधे वार करने की क्षमता नहीं है. ये जब भी वार करेंगे, किसी का सहारा लेकर ही करेंगे."