Gonda News: देवीपाटन मंडल मुख्यालय में शुक्रवार को प्रमुख सचिव (राजस्व) उत्तर प्रदेश अपर्णा यू. की अध्यक्षता एवं राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद की उपस्थिति में प्रदेश के बाढ़ से सर्वाधिक संवेदनशील 18 जनपदों की बाढ़ पूर्व तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में देवीपाटन, अयोध्या, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर और आजमगढ़ मंडलों के अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया.
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समीक्षा के दौरान बाढ़ शरणालयों, नावों, गोताखोरों, राहत सामग्री, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा टीमों, तटबंधों की सुरक्षा, नियंत्रण कक्षों, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, एम्बुलेंस तथा पूर्व चेतावनी प्रणाली की तैयारियों का गहन परीक्षण किया गया. प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां पूरी करें.
बैठक में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने के लिए सभी संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं. उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाने, स्वयंसेवकों की मदद लेने तथा राहत शिविरों और पशु शरणालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बैठक में देवीपाटन मंडलायुक्त श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल की बाढ़ पूर्व तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि लगभग 30 हजार गर्भवती महिलाओं का पूर्व चिन्हांकन, पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण, नावों की अग्रिम उपलब्धता, डिजिटल क्रॉप सर्वे, राहत किट, सामुदायिक रसोई तथा बच्चों की शिक्षा के लिए वैकल्पिक विद्यालयों की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है.
बैठक में जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन सहित 18 बाढ़ संवेदनशील जनपदों के प्रशासनिक, पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, विद्युत, पशुपालन तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के अधिकारी उपस्थित रहे. सभी विभागों ने अपनी-अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए समय से सभी तैयारियां पूरी करने का भरोसा दिलाया.
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