Ballia News: बलिया में कामजी गोंड मौत मामला, मजिस्ट्रियल जांच शुरू, आरोपी प्रधान के भाई ने कहा- 'राजनीतिक साजिश में फंसाया गया

Newzo

• 12:19 PM • 17 Jul 2026

Ballia Kamji Gond Death Case: बलिया के कामजी गोंड मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है. मृतक के बेटे की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है. आरोपी प्रधान के भाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को बेगुनाह बताते हुए राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की.

बलिया में कामजी गोंड मौत मामला, मजिस्ट्रियल जांच शुरू, आरोपी प्रधान के भाई ने कहा- 'राजनीतिक साजिश में फंसाया गया

बलिया में कामजी गोंड मौत मामला, मजिस्ट्रियल जांच शुरू, आरोपी प्रधान के भाई ने कहा- 'राजनीतिक साजिश में फंसाया गया

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Ballia Kamji Gond Death Case: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में कामजी गोंड की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. पुलिस की कथित पिटाई से मौत के आरोपों के बीच अब इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं, आरोपी ग्राम प्रधान के भाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए नया दावा किया है.

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जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को एक मीट की दुकान पर हुए विवाद के बाद 8 जुलाई को रेवती थाने के उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने ले गए थे.  परिजनों का आरोप है कि थाने में हुई पिटाई के कारण उनकी मौत हुई. हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि पूछताछ के बाद कामजी गोंड को सकुशल गांव के एक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया गया था. मामले ने तूल पकड़ने और जनाक्रोश बढ़ने के बाद पुलिस ने उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया.

6 लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा, शुरू हुई मजिस्ट्रियल जांच

मृतक के बेटे विशाल गोंड की तहरीर पर उपनिरीक्षक, आरक्षी और ग्राम प्रधान लाल सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. जिला मजिस्ट्रेट ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अनिल कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. एडीएम ने कहा है कि 24 जुलाई तक इस मामले से संबंधित कोई भी व्यक्ति साक्ष्य या अपना बयान उनके कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.

आरोपी प्रधान के भाई का दावा- 'भाई को साजिशन फंसाया गया'

इस बीच आरोपी ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह 'लालू' के भाई अविनाश शंकर सिंह उर्फ विक्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने दावा किया कि उनके पास 10 से अधिक सीसीटीवी फुटेज हैं, जिनसे यह साबित होता है कि घटना के समय उनके भाई गांव में मौजूद ही नहीं थे.

अविनाश ने कहा कि उनके परिवार की कामजी गोंड के परिवार से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि उनका भाई दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिले, लेकिन यदि वह निर्दोष है तो उसे न्याय मिलना चाहिए.

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. अब सभी की निगाहें मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस बहुचर्चित मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.