Ghazipur News: डीडीयू यार्ड में ओएचई तार टूटने से रेल परिचालन बाधित, कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट

Newzo

• 02:12 PM • 14 Jul 2026

Ghazipur DDU Junction: डीडीयू जंक्शन यार्ड में ओएचई तार टूटने से रेल परिचालन करीब डेढ़ घंटे तक ठप रहा. सीमांचल, नॉर्थ ईस्ट, मगध और फरक्का एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं. मरम्मत के बाद संचालन बहाल हुआ, लेकिन यात्रियों को लंबी देरी और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा.

: डीडीयू यार्ड में ओएचई तार टूटने से रेल परिचालन बाधित, कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट

: डीडीयू यार्ड में ओएचई तार टूटने से रेल परिचालन बाधित, कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट

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Ghazipur DDU Junction: पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन यार्ड में मंगलवार सुबह ओवरहेड विद्युत (ओएचई) तार टूट जाने से अप एवं डाउन रेल मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा. इसके चलते कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 9 बजे डीडीयू यार्ड में ओएचई तार टूटने की घटना हुई.  सूचना मिलते ही रेलवे के विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 10:40 बजे मरम्मत पूरी होने पर रेल परिचालन सामान्य हो सका.

परिचालन प्रभावित होने के दौरान अप लाइन पर जमानिया और सकलडीहा के बीच सीमांचल एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रोकी गईं. वहीं डाउन लाइन पर डीडीयू स्टेशन पर मगध एक्सप्रेस, आनंद विहार–दानापुर स्पेशल, डीडीयू–पटना मेमू पैसेंजर सहित कई ट्रेनें खड़ी रहीं.

रेल यातायात सामान्य होने के बाद ट्रेनों को क्रमवार उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया. विलंब के कारण मगध एक्सप्रेस दिलदारनगर स्टेशन पर लगभग 12:30 बजे, आनंद विहार–दानापुर स्पेशल करीब 12:20 बजे तथा डीडीयू–पटना मेमू पैसेंजर लगभग 1 बजे पहुंची.

यातायात निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि डीडीयू यार्ड में ओएचई तार टूटने के कारण दोनों दिशाओं का रेल संचालन प्रभावित हुआ था. मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सुबह 10:40 बजे से ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से शुरू कर दिया गया.

 रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से हुई असुविधा पर खेद व्यक्त करते हुए बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक तकनीकी निगरानी और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.