Ghazipur News: सूखी नहर में उतरे कांग्रेस नेता, किसानों के समर्थन में 5 किमी पदयात्रा, सिंचाई व्यवस्था पर उठाए सवाल

Newzo

• 12:39 PM • 14 Jul 2026

Ghazipur Water Irrigation Crisis: सूखी नहरों और सिंचाई संकट से जूझ रहे किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता अहमद शमसाद नहर के भीतर उतर गए. पांच किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर उन्होंने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. किसानों को जल्द पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी.

 सूखी नहर में उतरे कांग्रेस नेता, किसानों के समर्थन में 5 किमी पदयात्रा, सिंचाई व्यवस्था पर उठाए सवाल

सूखी नहर में उतरे कांग्रेस नेता, किसानों के समर्थन में 5 किमी पदयात्रा, सिंचाई व्यवस्था पर उठाए सवाल

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Ghazipur News: क्षेत्र की नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की बढ़ती परेशानी के बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव एवं राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अहमद शमसाद ने मंगलवार को किसानों के समर्थन में सूखी नहर के भीतर लगभग पांच किलोमीटर की सांकेतिक पदयात्रा निकाली. यह पदयात्रा चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल, जमानिया से शुरू होकर दिलदारनगर, उसिया, करवनिया का डेरा होते हुए गोडसरा जाने वाली छोटी नहर तक पहुंची.

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पदयात्रा के दौरान अहमद शमसाद ने आरोप लगाया कि नहरों में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हो रही है और धान की रोपाई समय पर नहीं हो पा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों के साथ तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार नहरों में पानी की मांग को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं. कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया. उनका आरोप है कि विभाग द्वारा छोड़ा जा रहा पानी किसानों की जरूरत के मुकाबले काफी कम है.

क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूख रही है. उसिया मौजा सहित कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है. किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर धान की नर्सरी तैयार की थी, लेकिन न तो पर्याप्त बारिश हो रही है और न ही नहरों से सिंचाई का पानी मिल पा रहा है, जिससे फसल बचाना मुश्किल होता जा रहा है.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि अगले 10 दिनों के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई या नहरों के माध्यम से पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो धान की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है. किसानों ने प्रशासन से तत्काल सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त कर नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़े जाने की मांग की है.