Noida DM Medha Roopam: नोएडा की पहली महिला डीएम मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें डीएम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटकर छात्रा आकृति चौधरी को मुआवजा देने का आदेश दिया गया था. दरअसल, आकृति चौधरी को मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत हिरासत में लिया गया था. हाई कोर्ट ने इस कार्रवाई को बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला बताकर डीएम और अन्य अधिकारियों से यह रकम वसूलने का निर्देश दिया था, जिसके बाद डीएम मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और एन.के. सिंह की बेंच ने डीएम मेधा रूपम की याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी. सर्वोच्च अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि हिरासत का फैसला कई अधिकारियों की जांच और मंजूरी के बाद लिया गया था, तो इसके लिए सिर्फ डीएम को अकेले जिम्मेदार ठहराना गलत है. इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार, गृह मंत्रालय (एमएचए) और हिरासत में ली गई छात्रा आकृति चौधरी को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होगी.
क्या था पूरा मामला और हाई कोर्ट की टिप्पणी
यह पूरा मामला स्टूडेंट एक्टिविस्ट आकृति चौधरी से जुड़ा है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में ग्रेजुएट हैं. अप्रैल महीने में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान आकृति को हिरासत में लेकर उन पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी. इसके खिलाफ दायर 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (हाबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि छात्रा की गिरफ्तारी राज्य सरकार की ओर से गढ़ी गई कहानी पर आधारित थी. हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए आदेश दिया था कि अगर किसी और मामले में जरूरी न हो, तो छात्रा को तुरंत रिहा किया जाए और 5 लाख रुपये का मुआवजा डीएम और अन्य जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के वेतन से वसूला जाए.
कौन हैं डीएम मेधा रूपम?
मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वह नोएडा की पहली महिला डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) बनी हैं. आगरा में जन्मीं मेधा ने अपनी स्कूली पढ़ाई केरल से पूरी की और उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) में ग्रेजुएशन किया. साल 2014 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने पूरे भारत में 10वीं रैंक हासिल की थी. इसके अलावा, मेधा रूपम भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी भी हैं. इस पूरे मामले को लेकर वह इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई हैं.
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