घर आने वालों से डरता था अरविंद, दोस्तों से भी बना ली थी दूरी! बचपन के दोस्त ने सुनाई हत्याकांड से पहले की कहानी

यूपी तक

23 Sep 2026 (अपडेटेड: 23 Sep 2026, 03:13 PM)

आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह के व्यवहार को लेकर उसके बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह ने कई अहम दावे किए हैं. आज तक से बातचीत में आशुतोष ने बताया कि 2018 में बड़े भाई सुनील सिंह की मौत के बाद अरविंद काफी बदल गया था.

Google CTA

Azamgarh Murder Case: आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह के व्यवहार को लेकर उसके बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह ने कई अहम दावे किए हैं. आज तक से बातचीत में आशुतोष ने बताया कि 2018 में बड़े भाई सुनील सिंह की मौत के बाद अरविंद काफी बदल गया था. वह लोगों से दूरी बनाने लगा था और पूजा-पाठ से भी चिढ़ने लगा था. इस दौरान उसके गांजा पीने और घर आने वाले लोगों को लेकर डरने की बातें भी सामने आईं.

यह भी देखें...

बड़े भाई की मौत के बाद लोगों से बनाई दूरी

आशुतोष सिंह के मुताबिक, बड़े भाई सुनील सिंह की मौत के बाद अरविंद की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया. उसने दोस्तों और गांव के लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया था. वह ज्यादातर अकेला रहने लगा और अपने बेटे-बेटी के साथ ही आता-जाता था. आशुतोष ने दावा किया, 'अरविंद धीरे-धीरे इतना अकेला हो गया था कि दोस्तों और गांव वालों से मिलना-जुलना लगभग बंद कर दिया था.' घर में आने वाले लोगों को लेकर भी उसे डर रहता था और परिवार के लोग उसके व्यवहार से घबराते थे.

 पूजा-पाठ से नाराज रहने लगा था अरविंद

बताया गया कि घर में पूजा कराने वाले पुरोहितों ने परिवार से कहा था कि अरविंद के बड़े भाई की आत्मा को शांति नहीं मिली है और उनका साया घर पर है. इसके बाद घर में महामृत्युंजय जाप शुरू कराया गया. आशुतोष के अनुसार, अरविंद को पूजा-पाठ पसंद नहीं था और वह इससे चिढ़ता था. सोमवार को भी पूजा के दौरान उसने हंगामा किया था, जिसके बाद परिवार ने 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस समय मामला शांत करा दिया था.

 पुजारियों से विवाद के बाद हुई गोलीबारी

मंगलवार को घर में महामृत्युंजय जाप के दौरान दोनों पुरोहित मौजूद थे. आरोप है कि अरविंद वहां पहुंचा और उनसे सवाल-जवाब करने लगा. उसने पूछा कि वे उसके घर क्यों आए हैं और आधार कार्ड मांगने लगा. इसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोप के मुताबिक उसने अपनी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी. गोलीबारी में पत्नी बबीता सिंह और दोनों पुजारियों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक के रूप में हुई है.

 कौन थे अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक?

जानकारी के मुताबिक, अखिलेश मिश्रा कितौना भटौली के रहने वाले थे, जबकि महेंद्र पाठक पटखौली के निवासी थे. दोनों पूजा कराने के सिलसिले में अरविंद के घर पहुंचे थे. घटना के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया. करीब 8 घंटे तक चले बंधक संकट के दौरान पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए बातचीत की. बाद में स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर घर में प्रवेश किया गया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई.