Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मोबाइल नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों के गुस्से का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में जियो टावर के एक टेकनीशियन को कुछ ग्रामीणों ने पकड़कर टावर के पास खंभे से बांध दिया. बताया जा रहा है कि गांव में पिछले कई महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और मुकदमा दर्ज कर घटना से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस अब वायरल वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.
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दो साल पहले लगा था टावर
जानकारी के मुताबिक हरदौली गांव में करीब दो साल पहले मोबाइल टावर लगाया गया था. टावर लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इलाके में मोबाइल नेटवर्क की परेशानी खत्म हो जाएगी. हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से नेटवर्क ठीक तरह से काम नहीं कर रहा था. कॉल करने के साथ-साथ मोबाइल इंटरनेट चलाने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी बताई जा रही है.
टेकनीशियन को ग्रामीणों ने पकड़ लिया
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम जियो टावर का टेकनीशियन हरदौली गांव पहुंचा था. इसी दौरान कुछ ग्रामीणों का गुस्सा उस पर फूट पड़ा. ग्रामीणों ने टेकनीशियन को पकड़ लिया और उसे टावर परिसर के अंदर ले गए. आरोप है कि वहां उसे एक खंभे से बांध दिया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया. वीडियो में टेकनीशियन खंभे से बंधा नजर आ रहा है. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. फतेहपुर के एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया बिंदकी क्षेत्र के हरदौली गांव में जियो टावर के टेकनीशियन को स्थानीय लोगों द्वारा बंधक बनाए जाने की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली थी. उन्होंने बताया कि वीडियो में कुछ लोग इलाके में मोबाइल फोन पर 5G नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो से हो रही जांच
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस ने घटना से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टेकनीशियन को किन परिस्थितियों में और किस वजह से बंधक बनाया गया. वायरल वीडियो को जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है. साथ ही पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके.
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