शादीशुदा बेटी को दुकानदार के साथ अंदर भेजता, बाप बाहर खड़ा रहता... ऐसे बनाते थे चोरी का प्लान, खुला राज तो पुलिस भी हैरान!

संजीव शर्मा

07 Oct 2026 (अपडेटेड: 07 Oct 2026, 01:50 PM)

बिजनौर के चांदपुर इलाके में डेढ़ लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने बाप-बेटी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक दोनों ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचते थे और दुकानदार का ध्यान भटकाकर नकदी या कीमती सामान चोरी करते थे.

Bijnor Crime News

Bijnor Crime News (Photo: AI Generated)

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Bijnor Crime News: बिजनौर के चांदपुर इलाके में डेढ़ लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने बाप-बेटी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक दोनों ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचते थे और दुकानदार का ध्यान भटकाकर नकदी या कीमती सामान चोरी करते थे. जलीलपुर के किसान सेवा केंद्र में 25 सितंबर को हुई वारदात की जांच के दौरान CCTV फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले. जांच आगे बढ़ी तो मामला सहारनपुर तक पहुंचा, जहां गांव गुनारसा से योगेंद्र और उसकी बेटी लक्ष्मी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार दोनों के तार बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की कई घटनाओं से भी जुड़ रहे हैं.

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घटना के दौरान बाप बाहर, बेटी अंदर गई

पुलिस के मुताबिक 25 सितंबर को योगेंद्र अपनी बेटी लक्ष्मी के साथ जलीलपुर स्थित किसान सेवा केंद्र पहुंचा था. दोनों सामान्य ग्राहक की तरह दुकानदार से सामान खरीदने को लेकर बातचीत करने लगे. इसी दौरान दुकान पर दूसरे ग्राहक भी आए, जिससे दुकानदार का ध्यान बंट गया. आरोप है कि योगेंद्र ने अपनी बेटी से दुकानदार के साथ अंदर जाकर खाद देखने के लिए कहा. लक्ष्मी अंदर चली गई, जबकि योगेंद्र बाहर ही रुक गया. कुछ समय बाद दोनों वहां से चले गए. उस वक्त दुकानदार को किसी तरह का शक नहीं हुआ, लेकिन बाद में गल्ला खोलने पर करीब डेढ़ लाख रुपये गायब मिले.

गल्ला खुला तो गायब थे डेढ़ लाख

किसान सेवा केंद्र के संचालक को जब नकदी नहीं मिली तो उसने दुकान पर कुछ देर पहले आए बाप-बेटी पर शक जताया. इसके बाद चांदपुर थाने में शिकायत दी गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच का मकसद यह पता लगाना था कि दोनों कब दुकान पर आए और किधर गए. पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक मोटरसाइकिल और उस पर सवार दो लोगों की गतिविधियां अहम सुराग बनीं. इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और आरोपियों की तलाश दूसरे जिलों तक पहुंची.
 

दुकानदारों को उलझाने का आरोप

पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दोनों मिलकर दुकानदार का ध्यान दूसरी ओर करने का तरीका अपनाते थे. बेटी दुकानदार से बातचीत करती या उसके साथ दुकान के अंदर चली जाती थी, जबकि बाप बाहर रहकर आसपास की स्थिति पर नजर रखता था. आरोप है कि दुकानदार के व्यस्त होते ही गल्ले या नकदी रखी जगह को निशाना बनाया जाता था. पुलिस का कहना है कि महिला के साथ होने और बाप-बेटी होने के कारण दोनों पर तुरंत शक कम होता था. इसी कथित तरीके का इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर चोरी के लिए किया जाता था.

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हेलमेट, मास्क और बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल

पुलिस के मुताबिक दोनों अपनी पहचान छिपाने की कोशिश भी करते थे. बताया गया कि मोटरसाइकिल चलाते समय वे हेलमेट और मास्क लगाते थे, ताकि CCTV कैमरों में चेहरा साफ दिखाई न दे. पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल की पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर की बाइक इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है. यानी दुकान पर पहुंचने से लेकर वारदात के बाद वहां से निकलने तक दोनों कथित तौर पर अपनी पहचान और वाहन को छिपाकर रखते थे. हालांकि अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज को जोड़कर पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया और जांच को आगे बढ़ाया.

बिजनौर से दूसरे जिलों तक जुड़ते गए तार

पुलिस के अनुसार पूछताछ और जांच में सिर्फ जलीलपुर की चोरी ही सामने नहीं आई है. आरोपियों के तार बिजनौर के धामपुर, नगीना और कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई कुछ घटनाओं से भी जुड़ने की बात कही गई है. इसके अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में हुई इसी तरह की वारदातों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने कई घटनाओं में शामिल होने की बात कथित तौर पर स्वीकार की है. संबंधित जिलों में उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए पुलिस वहां दर्ज मामलों और दूसरे सबूतों की पड़ताल कर रही है.

सहारनपुर के गुनारसा गांव से दोनों गिरफ्तार

CCTV फुटेज और दूसरे सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों की लोकेशन तक पहुंची. इसके बाद सहारनपुर के गांव गुनारसा में दबिश दी गई. पुलिस ने वहां से योगेंद्र और उसकी बेटी लक्ष्मी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक जलीलपुर के किसान सेवा केंद्र से चोरी हुई डेढ़ लाख रुपये की रकम में से 30,200 रुपये बरामद किए गए हैं. बाकी रकम कहां गई और उसे किस तरह इस्तेमाल किया गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अब यह भी देख रही है कि दोनों से जुड़ी बताई जा रही अन्य घटनाओं में चोरी की रकम या सामान के संबंध में कोई और सुराग मिलता है या नहीं.

शादीशुदा बेटी, फिर भी बाप के साथ घूमने का पुलिस का दावा

पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार योगेंद्र और लक्ष्मी बाप-बेटी हैं. लक्ष्मी की शादी हो चुकी है. पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद दोनों कथित तौर पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जिलों में घूमते थे. जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि बाप-बेटी ने यह तरीका कब से अपनाया था और अब तक कितनी दुकानों को निशाना बनाया. पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल है कि दूसरे जिलों में सामने आई घटनाओं में दोनों की भूमिका किस हद तक रही है और क्या वहां भी इसी तरह का तरीका इस्तेमाल किया गया था.

इन दुकानदारों को निशाना बनाने का आरोप

पुलिस के अनुसार दोनों ऐसे दुकानदारों को निशाना बनाते थे, जिन्हें देखकर लगता था कि वे सरल स्वभाव के हैं और दुकान पर अकेले या कम लोगों के साथ रहते हैं. पहले दोनों ग्राहक बनकर बातचीत शुरू करते थे. सामान की कीमत, खरीदारी या किसी दूसरी बात के बहाने दुकानदार को बातचीत में लगाया जाता था. इसके बाद जैसे ही उसका ध्यान किसी दूसरे काम में जाता, आरोप है कि नकदी या कीमती सामान चोरी कर लिया जाता था. पुलिस का दावा है कि महिला के साथ होने से दोनों पर पहली नजर में संदेह कम होता था. इसी वजह से बाप-बेटी की जोड़ी का तरीका कई जगह काम करता रहा.

CCTV ने खोला सारा राज

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम आधार CCTV फुटेज और मोटरसाइकिल से जुड़े सुराग रहे. शुरुआत में जलीलपुर की दुकान से डेढ़ लाख रुपये गायब होने की शिकायत मिली थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने दूसरे जिलों की घटनाओं को भी इस कड़ी से जोड़कर देखना शुरू किया. फिलहाल 30,200 रुपये की बरामदगी हो चुकी है और बाकी रकम की तलाश जारी है. पुलिस बिजनौर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की संबंधित घटनाओं की जानकारी जुटा रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाप-बेटी ने कितनी वारदातें कीं. आगे की जांच के बाद पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.

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