मछली वाले जाल में फंस गया 8 फीट लंबा मगरमच्छ! मोहम्मद याकूब के पैर से खिसक गई जमीन, फिर आगे क्या हुआ?

ऋतिक राजपूत

• 01:50 PM • 21 Jul 2026

8 feet crocodile trapped in fishing net: बिजनौर में मछली पकड़ने गए ग्रामीण के जाल में 8 फीट लंबा मगरमच्छ फंस गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ दिया. बरसात में सतर्क रहने की सलाह दी गई.

8 foot crocodile trapped in a fishing net

8 foot crocodile trapped in a fishing net: Bijnor

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8-foot crocodile trapped in a fishing net: जरा सोचिए आप तालाब में जाल डालें यह सोचकर कि आज 'बड़ी मछली' हाथ लगेगी. लेकिन जब जाल बाहर खींचें तो उसमें से 8 फीट लंबा खूंखार मगरमच्छ फुंकारता हुआ बाहर निकले... कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला वाकया बिजनौर जिले के नांगल सोती थाना क्षेत्र में सामने आया. जब मछली पकड़ने गए ग्रामीण के जाल में विशालकाय मगरमच्छ फंसा तो कुछ देर के लिए पूरे इलाके में हड़कंप और दहशत फैल गई. हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ और वन विभाग की मुस्तैदी से इस बिन बुलाए मेहमान का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे गंगा नदी में छोड़ दिया गया.

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मछली वाली जाल में फंसा 8 फीट का मगरमच्छ

यह पूरी घटना रायपुर खास गांव की है. रविवार सुबह करीब 10 बजे गांव के रहने वाले मोहम्मद याकूब मंडेयो गांव के पास स्थित अपने तालाब पर मछली पकड़ने गए थे. याकूब ने बड़े इत्मीनान से तालाब में जाल डाला. थोड़ी ही देर में जाल में कुछ भारी जीव के फंसने की हलचल हुई. याकूब को लगा कि कोई बहुत बड़ी मछली फंसी है. लेकिन जैसे ही उन्होंने पास जाकर देखा, उनके होश उड़ गए.

जाल के अंदर लगभग सात से आठ फीट लंबा एक विशालकाय मगरमच्छ छटपटा रहा था. याकूब की खबर मिलते ही यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों का भारी मजमा जुट गया.

ऐसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

मगरमच्छ की मौजूदगी से गांव में दहशत का माहौल बन गया. खतरे को भांपते हुए ग्रामीण मोहम्मद याकूब, तस्लीम अहमद और जुनैद अहमद ने बिना देर किए सामाजिक वानिकी विभाग को फोन घुमाया. सूचना मिलते ही वन दरोगा विकास कुमार अपनी टीमके साथ मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से बेहद सावधानी और सुरक्षा के साथ मगरमच्छ को रस्सियों से काबू में किया.

इसके बाद इस मगरमच्छ को बकायदा ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर खादर क्षेत्र स्थित गंगा नदी के आरक्षित वन क्षेत्र में ले जाया गया. फिर वहां उसे सुरक्षित पानी में छोड़ दिया गया. तब जाकर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली.

तालाब में जाने से पहले ध्यान दें

सफलतापूर्वक रेस्क्यू के बाद वन दरोगा विकास कुमार ने बताया कि मॉनसून और बरसात के मौसम में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है. जलभराव के कारण मगरमच्छ बहकर आसपास के तालाबों और पोखरों में आ जाते हैं.

वन विभाग ने दी यह खास सलाह

खुद न बनें शिकारी: बरसात के दिनों में जलाशयों या तालाबों के किनारे मछली पकड़ने जाते समय विशेष सतर्कता बरतें.

तुरंत दें सूचना: अगर पानी में या आसपास कोई मगरमच्छ या अन्य खतरनाक जीव दिखे तो उसे खुद पकड़ने या भगाने की गलती बिल्कुल न करें. तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दें.