ईरान में जारी युद्ध के बीच बरेली के नागरिकों के फंसे होने की खबर से इलाके में दहशत का माहौल है. दरगाह आला हजरत से जुड़ी संस्था जमात रजा मुस्तफा और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि मक्का और अरब देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके. जमात रजा मुस्तफा के नेशनल सेक्रेट्री मेहंदी हसन ने बताया कि शहर काजी मौलाना अमजद रजा खान 23 फरवरी की रात को मक्का शरीफ इबादत के लिए गए थे. उनके साथ उनके बेटे, बेटी, बच्चे और रिश्तेदार सलमान मियां भी मौजूद हैं. उनकी वापसी 4 मार्च की शाम को तय थी.
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आपको बता दें कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द होने के कारण अनिश्चितता बनी हुई है. मेहंदी हसन ने कहा कि हालांकि उनसे लगातार बात हो रही है. लेकिन युद्ध के कारण इंटरनेशनल मुद्दा होने से डर बना हुआ है. रमजान के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे हुए हैं.
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने उठाई सुरक्षा की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने युद्ध के हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है, जबकि इजराइल और अमेरिका के हमलों में स्कूल, अस्पताल और मस्जिदों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें 100 से अधिक बच्चे मारे गए हैं.
अरब देशों में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा का सवाल
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, "अरब देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं जो वहां कारोबार और मेहनत-मजदूरी करते हैं. युद्ध के कारण वहां बेचैनी होना लाजिमी है. भारत सरकार को अभी से प्लानिंग करनी चाहिए ताकि वक्त रहते भारतीयों को सकुशल वापस लाया जा सके."
उन्होंने आगे कहा कि यह जंग रुकने वाली नहीं दिख रही है और इसमें अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं. उनके अनुसार, ईरान की शहादत उसे ताकत देती है और अमेरिका-इजराइल के मंसूबे फेल हो चुके हैं.
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