Bareilly Murder Case: उत्तर प्रदेश के बरेली में मॉर्निंग वॉक पर निकले 65 साल के परचून व्यापारी सियाराम श्रीवास्तव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. भोजीपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के मामले में पुलिस ने 19 साल के मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी की मृतक से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी. पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसे अक्सर कान में किसी के हत्या करने के लिए कहने की आवाज सुनाई देती थी और उसी के बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपी के पिता को भी सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूरे मामले का खुलासा एसपी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया.
ADVERTISEMENT
आरोपी तक पहुंची पुलिस
एसपी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा थाना क्षेत्र में सियाराम श्रीवास्तव का शव सड़क किनारे मिला था. शुरुआती जांच में उनके गले और सीने पर गंभीर चोटों के निशान मिले. मृतक के बेटे की शिकायत पर पहले पड़ोस के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई. इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच के दौरान एक कार संदिग्ध नजर आई, जिसके नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची. पूछताछ में मोहम्मद अरमान ने हत्या करना स्वीकार कर लिया. पुलिस के अनुसार आरोपी का पिता भी घटना के बाद सबूत छिपाने में शामिल पाया गया, जिसके चलते उसे भी गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने बताया सबकुछ
पुलिस जांच के मुताबिक मोहम्मद अरमान का सियाराम श्रीवास्तव से किसी प्रकार का व्यक्तिगत विवाद या पुरानी दुश्मनी नहीं थी. पुलिस का कहना है कि आरोपी नशे का आदी बताया गया है और मानसिक बीमारी के इलाज के लिए उसकी दवाएं भी चल रही थीं. बताया गया कि पिछले कुछ महीनों से उसने दवाएं लेना बंद कर दिया था. पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि व्यापारी से पहले वह किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाने की सोच चुका था, लेकिन मौका नहीं मिला. बाद में सुनसान रास्ते पर सियाराम श्रीवास्तव दिखाई दिए, जिसके बाद उसने उन पर हमला कर दिया. हालांकि, आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य और उसके दावों की अंतिम पुष्टि चिकित्सकीय जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही होगी.
आरोपी मोहम्मद अरमान ने क्या बताया?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बातचीत में आरोपी मोहम्मद अरमान ने कहा, 'कुछ समय पहले कुछ लोगों ने मेरे को एक इंजेक्शन लगाया था. डेढ़ साल से मेरी दवाई चल रही है. मुझे कुछ चीजें परेशान करती थीं. कभी कुछ चमकता था, कभी आवाज आती थी. पंडित से, मौलाना से, सबसे पूछता था.' आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके कान में जिन्न की आवाज आती है जिसकी वजह से उसने घटना को अंजाम दिया है. आरोपी ने यह भी दावा किया कि जब उसने सियाराम श्रीवास्तव को देखा तो उसे फिर वही आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसने हमला कर दिया. आरोपी के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इन्हें जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है.
पहले कार से टक्कर मारा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले कार से सियाराम श्रीवास्तव को टक्कर मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गए. इसके बाद उसने कथित तौर पर कांच के टुकड़े से उनका गला रेत दिया और शरीर पर कई वार किए ताकि उनकी मौत हो सके. पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम सबूत साबित हुई. जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल कार आरोपी के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड थी. पुलिस अब मामले से जुड़े सभी तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर रही है.
आरोपी के पिता ने क्या बताया?
आरोपी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मुझे कुछ नहीं पता. मैंने खुद पुलिस से अपने बेटे को पकड़वाया है. वह नशा करता है. हमें कोई जानकारी नहीं थी. हम सब लोग सो रहे थे, तभी वह गाड़ी निकालकर चला गया. दो-तीन महीने से उसने दवा भी छोड़ रखी थी.' हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपी के पिता को सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
मॉर्निंग वॉक पर निकले लेकिन हो गई हत्या
पुलिस के अनुसार भोजीपुरा थाना क्षेत्र के धौराटांडा स्थित बिबियापुर कायस्थान गांव निवासी 65 साल के सियाराम श्रीवास्तव शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. कुछ दूरी तक साथ चलने के बाद उनकी पत्नी वापस घर लौट आईं, जबकि सियाराम आगे निकल गए. कुछ समय बाद उनका शव सड़क किनारे मिला. घटना के बाद परिवार की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की. अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया है. मामले में मानसिक स्वास्थ्य, नशे की लत और अन्य परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है.
ADVERTISEMENT











