Barabanki News: बाराबंकी डीएम ने की समीक्षा बैठक, फसल बीमा कवरेज बढ़ाने, थीम आधारित एफपीओ गठन एवं नियमित किसान प्रशिक्षण के निर्देश

Barabanki Crop Insurance Scheme: बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक में फसल बीमा कवरेज बढ़ाने, थीम आधारित एफपीओ गठन और किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए. माइक्रो इरीगेशन और आधुनिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया.

 बाराबंकी डीएम ने की समीक्षा बैठक, फसल बीमा कवरेज बढ़ाने, थीम आधारित एफपीओ गठन एवं नियमित किसान प्रशिक्षण के निर्देश

बाराबंकी डीएम ने की समीक्षा बैठक, फसल बीमा कवरेज बढ़ाने, थीम आधारित एफपीओ गठन एवं नियमित किसान प्रशिक्षण के निर्देश

Newzo

• 05:31 PM • 24 Jun 2026

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Barabanki Crop Insurance Scheme: जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यान विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं पर ड्रॉप मोर क्रॉप–माइक्रो इरीगेशन योजना की प्रगति की समीक्षा की गई.

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जिलाधिकारी ने कहा कि बाराबंकी प्रगतिशील किसानों की दृष्टि से एक बेहतर जनपद है, जहां किसान बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार की अधिक आय सृजन वाली फसलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को कृषि आधारित सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा उनकी प्रगति को गति देने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करने चाहिए. उन्होंने अधिक से अधिक बागवानी फसल उत्पादक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया.

इस दौरान जिलाधिकारी ने विकास खंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र में पान की खेती करने वाले किसानों से संवाद किया तथा खेती में आने वाली चुनौतियों, विपणन व्यवस्था एवं बाजार की उपलब्धता के संबंध में विस्तार से चर्चा की. जिलाधिकारी ने थीम आधारित किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे समान फसल उत्पादक किसानों को सीखने, सामूहिक विपणन, बेहतर मोलभाव एवं अधिक लाभ अर्जित करने के अवसर प्राप्त होंगे. उन्होंने कहा कि एफपीओ किसानों की आर्थिक सशक्तता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं.

बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं पर ड्रॉप मोर क्रॉप–माइक्रो इरीगेशन योजना की भी समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने कहा कि फल, सब्जी, फूल, मसाला एवं मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत तकनीकों, वैज्ञानिक खेती, विपणन एवं फसल प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु नियमित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम यथासंभव किसानों के खेतों अथवा उनके निकट आयोजित किए जाएं, जिससे उनकी सहभागिता बढ़ सके.

माइक्रो इरीगेशन योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि टपक एवं स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकें जल संरक्षण के साथ उत्पादन बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से अनुदान उपलब्ध कराया जाए.

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी  अन्ना सुदन,जिला उद्यान अधिकारी प्रज्ञा उपाध्याय, मंडी सचिव, जनपद के प्रगतिशील कृषक बंधु तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.