Barabanki News: जनपद के एक निजी अस्पताल पर प्रसव ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगा है. रामनगर आदर्श नगर पंचायत निवासी अजय कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री शालू पांडेय के सीजर ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने उसके शरीर के अंदर कॉटन छोड़ दिया, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया.
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अजय पांडेय के अनुसार, उनकी पुत्री को 2 मार्च 2026 की रात प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामनगर ले जाया गया, जहां उसे रेफर कर दिया गया. इसके बाद परिजनों ने शालू को बाराबंकी शहर के न्यू सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया. 5 मार्च को ऑपरेशन के जरिए शालू ने एक पुत्री को जन्म दिया.
हालांकि, 13 मार्च को छुट्टी मिलने के बाद से ही शालू लगातार पेट दर्द और अन्य शारीरिक समस्याओं से जूझती रही. परिजनों के अनुसार, अस्पताल में कई शिकायतों के बावजूद चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन ने सही कारण नहीं बताया और प्रभावी उपचार नहीं किया. 19 मार्च को अचानक शालू के यूरिन मार्ग से एक बड़ा टुकड़ा बाहर आया. परिजन उसे तत्काल सीएचसी रामनगर ले गए. जांच और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चेदानी में सूजन पाई गई. बाहर निकले टुकड़े की जांच में पता चला कि वह ऑपरेशन के दौरान शरीर में छूटा कॉटन था.
पीड़िता के पिता ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है. उनके पास जांच रिपोर्ट, दस्तावेज और बाहर निकले कॉटन की फोटो भी मौजूद हैं. नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी रंजन गौतम ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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