Ballia News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून सक्रिय होने के बावजूद बलिया में पर्याप्त बारिश न होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. सावन का महीना शुरू होने के बाद भी जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की खेती प्रभावित हो रही है. खेतों में नमी की कमी से फसलों की रोपाई और बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, वहीं उमस भरी गर्मी ने आम लोगों का भी हाल बेहाल कर दिया है.
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किसानों का कहना है कि उन्होंने खरीफ फसलों की खेती के लिए कर्ज लेकर बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदी है, लेकिन समय पर बारिश नहीं होने से उनकी मेहनत और निवेश दोनों पर संकट मंडरा रहा है. दुबहड़ गांव के किसान आनंद दुबे ने बताया कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो इस सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. सिंचाई के लिए पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत लगातार बढ़ रही है.
धर्मपुरा गांव के किसान विनय सिंह ने बताया कि बलिया में खरीफ सीजन के दौरान धान सबसे प्रमुख फसल है, जिसे पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है.
इसके अलावा मक्का, अरहर, मूंग, बाजरा और ज्वार की भी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है. बरसात के मौसम में भिंडी, लौकी, तरोई, करेला, परवल और बैंगन जैसी सब्जियों की खेती भी किसान करते हैं. उन्होंने कहा कि समय पर वर्षा न होने से इन फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
बारिश की कमी का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है. जिले में उमस भरी गर्मी ने लोगों का जनजीवन भी प्रभावित कर दिया है. दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान हैं. हालांकि अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन नमी अधिक होने से गर्मी से राहत नहीं मिल रही है.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
वहीं मौसम विभाग के अनुसार जिले में अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसे में किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं और जल्द मानसून मेहरबान होने की प्रार्थना कर रहे हैं.
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