अयोध्या में भगवान श्रीराम का दिव्य और भव्य मंदिर (Ram Mandir News) का निर्माण जोरों पर हो रहा है. दिन-रात हजारों मजदूरों और इंजीनियर्स भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण कार्य में लगे हुए हैं. इसी बीच राम मंदिर के अन्य मंदिरों के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है. आपको बता दें कि राम मंदिर में भगवान शिव के मंदिर का निर्माण भी किया जा रहा है. इस मंदिर के लिए जो शिवलिंग आ अयोध्या आ रहा है, वह मध्य प्रदेश से आ रहा है.
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बता दें कि ये दिव्य शिवलिंग 600 किलो वजनी है और 4 फीट ऊंचा है. ये शिवलिंग प्राकृतिक है और ये ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जो कि 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है, वहां से लाया जा रहा है. ये शिवलिंग अयोध्या लाया जाएगा और ये अयोध्या में बन रहे दिव्य राम मंदिर में स्थापित होगा. मिली जानकारी के मुताबिक, ये शिवलिंग 23 अगस्त को राम जन्मभूमि न्याय को सौंपा जाएगा.
अयोध्या के 6 मंदिरों में से एक मंदिर में स्थापित होगा शिवलिंग
अवधूत नर्मदानंद महाराज ने इस शिवलिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एक दिन उनकी मुलाकात श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के महासचिव चंपत राय से हुई थी. उनसे चर्चा करने के बाद नर्मदेश्वर शिवलिंग की खोज शुरू की गई. मान्यता है कि मां नर्मदा का हर कंकड़ शंकर है. इसलिए ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र पर शिवलिंग मिलने पर उसे अंतिम रूप दिया गया. अब ये शिवलिंग अयोध्या में स्थापित होगा. हमारा सौभाग्य है कि तीर्थ क्षेत्र ओंकारेश्वर को चुना गया.
नर्मदानंद महाराज ने आगे बताया कि अयोध्या में रामलला मंदिर परिसर में राम मंदिर के विग्रह के चारों ओर बन रहे 14 फीट चौड़े परकोटे के 6 मंदिरों में से एक मंदिर में मध्य प्रदेश के ओमकारेश्वर क्षेत्र के 4 फीट ऊंचे प्राकृतिक शिवलिंग को स्थापित किया जाएगा.
जगह-जगह हो रहा स्वागत
आपको बता दें कि शिवलिंग मध्य प्रदेश से अयोधया आ रहा है. ऐसे में रास्ते भर में लोग इस शिवलिंग का स्वागत कर रहे हैं और अपने-अपने तरीकों से इसकी पूजा अर्चना कर रहे हैं. लोगों की भारी भीड़ शिवलिंग के दर्शन करने के लिए आ रही है. आपको बता दें कि शिवलिंग के अयोध्या आने पर भी शिवलिंग का भव्य स्वागत किया जाएगा.
आपको बता दें कि राम मंदिर जनवरी 2024 तक बनकर पूरा हो सकता है. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2024 में मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. बता दें कि मंदिर ने आकार लेना शुरू कर दिया है. भुतल से लेकर प्रथम तल तक में कार्य करीब पूरा होने पर है. माना जा रहा है कि अब कुछ ही समय में मंदिर के निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा.
(उमेश रेवलिया के इनपुट के साथ)
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