UP News: अयोध्या पुलिस ने कैब मालिक अजीत गुप्ता की रहस्यमयी गुमशुदगी और हत्या के मामले में 13 महीने बाद एक बड़े ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी पहले से ही जेल में बंद है.
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अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी कैब मालिक अजीत गुप्ता 13 महीने पहले अचानक लापता हो गए थे. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी. आरोपियों ने केवल कैब लूटने की नीयत से अजीत गुप्ता की कैब बुक कराई थी. यात्रा के दौरान गोरखपुर के थाना कैंपियरगंज क्षेत्र में उनकी निर्मम हत्या कर दी गई.
निर्मम हत्या के बाद गहने और कैब लूटी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अजीत गुप्ता के गले की चेन, अंगूठी और कैब लूटकर फरार हो गए. सबूत छिपाने के इरादे से उन्होंने शव को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के थाना सकरा क्षेत्र में फेंक दिया. स्थानीय पुलिस ने उस समय शव को अज्ञात मानते हुए बरामद किया था और 72 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया था. वहीं, लूटी गई कैब को आरोपियों ने बिहार के दरभंगा जिले में लावारिस हालत में छोड़ दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया.
13 महीने बाद ऐसे खुला हत्याकांड का राज
इस मामले में 23 नवंबर 2024 को मृतक की पत्नी सुमन गुप्ता ने अयोध्या कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया था. एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर द्वारा गठित पुलिस टीम ने तकनीकी सबूत और गहन जांच के आधार पर इस कत्ल की गुत्थी सुलझाई है. 13 महीने बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोलते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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