UP LPG Cylinder Crisis: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर मचे हाहाकार ने आम जनजीवन की लय बिगाड़ दी है. पश्चिम से लेकर पूर्व तक रसोई का बजट और चूल्हा दोनों ही संकट में नजर आ रहे हैं. मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच अब भारत में गैस कि किल्लत होनी शूरु हो गई है. घरेलू स्तर पर नियमों में बदलाव, सर्वर की सुस्ती और आपूर्ति में आई बाधा ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गैस किल्लत का एक पैनिक माहौल खड़ा कर दिया है. लखनऊ से लेकर वाराणसी तक हर तरफ उपभोक्ताओं की लंबी कतारें और चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है.
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कैसा है लखनऊ का हाल?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस संकट की वजह से तनाव का माहौल है. घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दामों में 115 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी के बाद सोमवार को अचानक कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. इस खबर के फैलते ही शहर में नए सिलेंडर बुक कराने के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पस्त
लखनऊ के खान-पान कारोबारियों का कहना है कि व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति रुकने से पूरा बाजार ठप होने की कगार पर है. पटरी व्यवसायी हों या बड़े होटल सभी इस संकट में हैं. ओपन एयर रेस्टोरेंट के मालिक उत्तम प्रकाश ने बताया कि उनके पास केवल दो सिलेंडर बचे हैं जो महज दो दिन चलेंगे. उन्होंने कहा कि अगर आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उन्हें मजबूरन लकड़ी पर खाना बनाना पड़ेगा या दुकान बंद करनी पड़ेगी.
कैटरिंग कारोबारियों की उड़ी नींद
व्यावसायिक गैस की किल्लत ने कैटरर्स की चिंता बढ़ा दी है. 15 मार्च तक सहालग (शादियों का सीजन) होने के कारण करीब 500 से ज्यादा कैटरिंग कारोबारियों के पास बड़े आयोजनों के बयाने जमा हैं. अकेले 11 मार्च को शहर में करीब 2000 शादियां और पार्टियां प्रस्तावित हैं. अनुमान के मुताबिक, 15 मार्च तक करीब 3000 पार्टियां होनी हैं. ऐसे में सिलेंडर न मिलना एक बड़ी समस्या बन गया है, जिससे शादी-विवाह वाले परिवारों में तनाव का माहौल है.
वाराणसी में आधी हुई सप्लाई
वाराणसी भी वैश्विक तनाव के असर से अछूती नहीं है. यहां मिडिल ईस्ट के तनाव के साथ-साथ सरकारी नियमों में बदलाव और तकनीकी खामियों ने उपभोक्ताओं को दोहरी मुसीबत में डाल दिया है.
वाराणसी में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग की मियाद 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है. इसके साथ ही केवाईसी (KYC) नियमों में सख्ती और सर्वर डाउन होने की वजह से नई बुकिंग नहीं हो पा रही है. शहर के मछोदरी इलाके स्थित मिश्रा गैस एजेंसी पर महिलाओं और पुरुषों की भारी भीड़ देखी जा रही है. लोग या तो अपनी पुरानी बुकिंग की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं या केवाईसी अपडेट कराने के लिए घंटों लाइन में लगे हैं.
त्योहारों और शादियों पर असर
वाराणसी के उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती आने वाले त्योहार हैं. एक तरफ रमजान का पाक महीना चल रहा है और ईद नजदीक है, वहीं 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होनी है. शादी-विवाह के सीजन के कारण मांग चरम पर है. मिश्रा गैस एजेंसी के संचालक अमित ने बताया कि रोज के मुकाबले एलपीजी की सप्लाई घटकर आधी रह गई है जबकि मांग बढ़ी हुई है. वहीं भदऊ इलाके की राजघाट गैस सर्विस पर भी ऐसा ही नजारा दिखा. यहां कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके बच्चों की शादी सिर पर है लेकिन घर का सिलेंडर खत्म हो गया है और एजेंसी से कोई माकूल जवाब नहीं मिल रहा है. संचालक अब्बास हैदर ने पैनिक की बात स्वीकार की. हालांकि उन्होंने दावा किया कि डिमांड के अनुसार सप्लाई ठीक है लेकिन सर्वर की समस्या ने पूरी चेन को प्रभावित किया है.
बाराबंकी में 25 दिन का नया नियम क्या है?
बाराबंकी जिले में भी एलपीजी सिलेंडर को लेकर स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है. यहां ईरान-इजरायल युद्ध का असर सीधे तौर पर आपूर्ति श्रृंखला में दिख रहा है. जिले की 41 गैस एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं.
जिले में गैस की किल्लत पर जब जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से किनारा करते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने पूरा मामला इंडियन ऑयल कंपनी (IOC) के पाले में डाल दिया. सप्लाई विभाग के अन्य अधिकारी अनिल मिश्रा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पहले बुकिंग कराएं, तभी उन्हें सिलेंडर मिल पाएगा.
बुकिंग के बाद भी खाली हाथ उपभोक्ता
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कराने के कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है. एजेंसियां सिलेंडर उपलब्ध कराने में असमर्थ दिख रही हैं. पहले उपभोक्ता 15 दिनों में दूसरा सिलेंडर प्राप्त कर लेते थे, लेकिन कंपनियों द्वारा इसे 25 दिन किए जाने से संकट बढ़ गया है. मसौली क्षेत्र के SKI गैस सेवा एजेंसी के मैनेजर सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि त्योहारों की छुट्टियों के कारण लोड नहीं आया था, जिसके चलते अकेले उनके यहां 1374 उपभोक्ताओं की बुकिंग पेंडिंग है.
एजेंसियों पर पैनिक इस कदर है कि लोगों को गोदामों से हटाकर बागों और अन्य स्थलों पर सप्लाई देने की नौबत आ गई है. किसान यूनियन (हरपाल गुट) के जिलाध्यक्ष विक्रांत सैनी ने बताया कि उनके घर में दो दिनों से सिलेंडर खत्म है और बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आशुतोष कुमार जैसे कई उपभोक्ता दो-दो दिनों से एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें 'स्टॉक खत्म' होने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है.
अमेठी का कैसा है हाल?
अमेठी में में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से लोग परेशान हैं. हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लंबी लाइन लगानी पड़ रही है. लेकिन कई घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. वहीं, अधिकारी सिलेंडर भरपूर मात्रा में होने का बड़ा दावा कर रहे हैं.
अमेठी तहसील के दुर्गापुर रोड पर बनी गैस एजेंसी सिलेंडर पर लोग सुबह 6 बजे से लाइन लगाकर सिलेंडर लेने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, कुछ लोग पिछले चार दिनों से गैस सिलेंडर लेने के लिए लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन गैस नहीं मिल रही है. वहीं, इसके बावजूद अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है.
गैस सिलेंडर की कमी के चलते खासतौर पर रोजा रखने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कड़ी धूप में घंटों लाइन में खड़े होकर लोग गैस मिलने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन गैस नहीं मिल रही है. ओर न ही कोई जवाब दिया जा रहा है.
दूसरी तरफ, सिलेंडर की कमी को लेकर सप्लाई इंस्पेक्टर शुभम चौधरी ने दावा करते हुए बताया कि सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है.
लखनऊ से समर्थ श्रीवास्तव, वाराणसी से रोशन जायसवाल और बाराबंकी से सय्यद रेहान मुस्तफा और अमेठी से अभिषेक के इनपुट्स के साथ.
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