Amethi News: अमेठी में अब भूमाफियाओं की खैर नहीं. जिला प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग कर कमाई करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति, नक्शा और लेआउट पास कराए कृषि भूमि को काटकर बेचने वालों के खिलाफ एंटी भूमाफिया अभियान के तहत कड़ी कार्रवाई होगी. धोखाधड़ी, शांति भंग और स्टाम्प शुल्क की चोरी करने वालों पर अपराधिक अभियोजन भी तय किया जाएगा.
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अमेठी जिले में बड़े पैमाने पर निजी लोगों द्वारा कृषि भूमि खरीदकर बिना प्रक्रिया का पालन किए प्लॉटिंग का खेल चल रहा है. प्रायः देखा जा रहा है कि भूमि खरीदकर प्रोजेक्ट या मानचित्र अप्रूव कराए बिना ही कृषि भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर आवासीय प्रयोजन के लिए स्थानीय नागरिकों को बेच दिया जाता है.
इसमें न तो भू-उपयोग परिवर्तन की कार्रवाई होती है, न सक्षम प्राधिकारी से आवासीय परियोजना का अनुमोदन लिया जाता है. अधिकांश मामलों में विक्रेता खुद से बने कच्चे, अप्रमाणित मानचित्र बनाकर काल्पनिक भूखंडों को आवासीय प्लॉट बताकर बेच देते हैं. इसका कोई प्रामाणिक अभिलेख न होने से एक ही भूखंड के कई दावेदार-क्रेता बन जाते हैं और गंभीर भूमि विवाद पैदा हो जाते हैं.
इससे एक ही भूखंड पर कब्जे का विवाद, सीमा का विवाद, भूखंड नंबर न होने से मुख्य मार्ग से दिशा-दूरी को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहे हैं. जनसुनवाई, तहसील दिवस और थाना दिवस पर ऐसे प्रकरण लगातार आ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध रूप से बेचे गए भूखंडों का रजिस्ट्रेशन कृषि दर पर कराकर स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही है. राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे, नगर पालिका और टाउन एरिया की सीमा से लगे कृषि क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां कहीं बिना भू-उपयोग परिवर्तन, बिना अनुमोदित आवासीय योजना के भूखंड बेचे जा रहे हैं और विवाद उत्पन्न हो रहे हैं, वहां एंटी भूमाफिया अभियान के तहत चिन्हित कर विक्रेताओं और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. धोखाधड़ी, शांति भंग और भूमि विवाद सृजन के लिए गंभीरतम कार्रवाई के साथ अपराधिक अभियोजन भी सुनिश्चित किया जाए. साथ ही स्टाम्प और निबंधन शुल्क अपवंचन के आरोप में भी कार्रवाई होगी.
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