कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर की आगरा में बढ़ीं मुश्किलें, उनके इस बयान से क्षत्रिय समाज है आहात! जानें क्या कहा था 

अरविंद शर्मा

• 10:35 AM • 28 Jun 2025

Agra News: कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की मुश्किलें बढ़ीं. उनके खिलाफ मानहानि का मामला अदालत में दर्ज हुआ है और आगरा की ACJM-10 कोर्ट ने उन्हें 9 जुलाई 2025 को अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है.

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Photo: Devkinandan Thakur (@DN_Thakur_Ji/ X)

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Devkinandan Thakur News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक बड़ी खबर सामने आई है. सुप्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उनके खिलाफ मानहानि का मामला अदालत में दर्ज हुआ है और आगरा की ACJM-10 कोर्ट ने उन्हें 9 जुलाई 2025 को अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है. यह मामला वाराणसी में आयोजित एक कथा के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़ा है. मालूम हो कि 2 दिसंबर 2024 को वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कथा के दौरान देवकी नंदन ठाकुर ने भारत विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों के नरसंहार के लिए “जयचंदों” को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि जयचंदों के कारण ही सनातन धर्म को खतरा है और पाकिस्तान का निर्माण हुआ. 

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किसने दर्ज कराया केस?

ठाकुर के उक्त बयान को अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने मानहानिकारक बताते हुए, आगरा की सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-प्रथम की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दायर किया है. अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का कहना है कि जयचंद, जो कन्नौज के राजा थे उन्हें गद्दार कहने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है. उनका दावा है कि ठाकुर का यह बयान क्षत्रिय समाज के लिए अपमानजनक है और इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. 

परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों का नरसंहार धर्म आधारित था, और इसके लिए जयचंद को जिम्मेदार ठहराना ऐतिहासिक दृष्टि से गलत है. इससे पहले भी अदालत ने ठाकुर को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के चलते अब ACJM-10 की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है और उन्हें 9 जुलाई को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है. 

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब देवकी नंदन ठाकुर अपने बयानों के चलते विवादों में घिरे हैं. इससे पहले भी वे जनसंख्या नियंत्रण, वक्फ बोर्ड, और हाल ही में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट जैसे मामलों पर दिए गए बयानों को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं. अब इस मानहानि केस में 9 जुलाई की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. देखना होगा कि ठाकुर कोर्ट में अपना क्या पक्ष रखते हैं और यह मामला और कितना आगे बढ़ता है. 

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