UPSI Topper Story: बाराबंकी के सौरभ ने 154/160 नंबर लाकर किया कमाल, बताया Rank-1 लाने का पूरा सीक्रेट!

यूपी तक

• 01:07 PM • 18 Jul 2026

UPSI Result 2026: बाराबंकी के सौरभ वर्मा ने यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में Rank 1 हासिल कर सबको चौंका दिया. यूपी तक से खास बातचीत में उन्होंने अपनी सफलता का राज, 154/160 स्कोर करने की रणनीति, मॉक टेस्ट की अहमियत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के खास टिप्स साझा किए.

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UPSI Result 2026: मेहनत, लगातार अभ्यास और सही रणनीति के दम पर बाराबंकी के रहने वाले सौरभ वर्मा ने उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर (UPSI) भर्ती परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. सौरभ ने भर्ती परीक्षा में पहली रैंक (Rank-1) हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. यूपी तक से खास बातचीत में सौरभ ने अपनी तैयारी, रणनीति और सफलता का पूरा सफर साझा किया.

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सरकारी स्कूल से UPSI Rank-1 तक का सफर

सौरभ वर्मा बाराबंकी जिले के भनौली गांव के रहने वाले हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने बाराबंकी के श्री साईं इंटर कॉलेज से 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की और फिर वहीं से ग्रेजुएशन किया.

सौरभ ने बताया कि पढ़ाई के दौरान घर का माहौल हमेशा पढ़ाई के अनुकूल रहा. उनके पिता शिक्षामित्र हैं और मां गृहिणी हैं. माता-पिता ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया.

160 में से 154 नंबर, पहले से था भरोसा

यूपीएसआई परीक्षा में अपने प्रदर्शन को लेकर सौरभ पहले से काफी आश्वस्त थे. उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद उन्हें अंदाजा था कि उनके अच्छे नंबर आएंगे. घर आकर जब उन्होंने पेपर का मिलान किया तो करीब 160 में से 154 सवाल सही होने की उम्मीद थी. सौरभ ने बताया कि पेपर के दौरान ही उन्हें महसूस हो गया था कि उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और उन्हें टॉप रैंक आने की उम्मीद थी.

मॉक टेस्ट को बताया सफलता का सबसे बड़ा मंत्र

सौरभ ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देना बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, मॉक टेस्ट से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का डर खत्म होता है.

उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट के जरिए यह पता चलता है कि कौन से सवाल बार-बार पूछे जाते हैं और किन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. उन्होंने गलत सवालों को एक कॉपी में नोट करके परीक्षा से पहले रिवाइज करने की सलाह दी.

SSC की तैयारी से मिली मदद

सौरभ ने बताया कि यूपीएसआई से पहले वह SSC की तैयारी कर रहे थे. मैथ और रीजनिंग में उनकी पकड़ पहले से मजबूत थी. यूपीएसआई के लिए उन्होंने एग्जामपुर से हिंदी और मूल विधि की तैयारी की.

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का सिलेबस काफी हद तक एक जैसा होता है, इसलिए अगर एक परीक्षा की तैयारी अच्छी तरह की जाए तो कई अन्य परीक्षाओं में भी सफलता मिल सकती है.

पहले भी कई परीक्षाओं में मिली सफलता

सौरभ ने बताया कि उन्होंने इससे पहले SSC GD परीक्षा भी क्वालीफाई की थी. इसके अलावा अन्य कई परीक्षाओं में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा. उन्होंने कुछ परीक्षाओं के आगे के चरण (DV/PST) में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि वह अपनी आगे की तैयारी जारी रखना चाहते थे.

उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके करीब चार अन्य एग्जाम भी क्वालीफाई हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस कांस्टेबल, SSC CHSL और NTPC जैसी परीक्षाएं शामिल हैं.

परिवार ने जताई खुशी, लेकिन मेडिकल के बाद सेलिब्रेशन

सौरभ ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी. परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बड़ा सेलिब्रेशन करेंगे.

सौरभ के पिता ने भी रिजल्ट देखने के बाद कई बार रोल नंबर चेक किया कि कहीं कोई गलती तो नहीं है. जब पूरी तरह पुष्टि हुई तब परिवार को भरोसा हुआ कि सौरभ ने टॉप किया है.

पुलिस सेवा क्यों चुनी?

सौरभ ने बताया कि उन्होंने यूपी पुलिस को इसलिए चुना क्योंकि इसमें अपने राज्य में नौकरी करने का मौका मिलता है. हालांकि उनका लक्ष्य केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है और वह आगे भी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने के बाद उनकी प्राथमिकता अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाना होगी.

दोस्त ने बताया- सौरभ की मेहनत अलग थी

सौरभ के दोस्त नितिन वर्मा ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी खासियत उनका अनुशासन और मेहनत थी. वह रोजाना तय समय पर पढ़ाई करते थे और किसी भी तरह के ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहते थे. नितिन ने कहा कि सौरभ की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका डेडिकेशन और लगातार मेहनत है.

हाई कटऑफ पर सौरभ बोले- मेहनत के साथ किस्मत भी जरूरी

यूपीएसआई परीक्षा की हाई कटऑफ को लेकर सौरभ ने कहा कि परीक्षा में मेहनत के साथ थोड़ा भाग्य भी मायने रखता है. उन्होंने कहा कि अगर तैयारी लगातार की जाए तो अच्छे परिणाम जरूर मिलते हैं.

सौरभ की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. उनका मानना है कि सही रणनीति, लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट के जरिए सफलता हासिल की जा सकती है.