UP Board Topper 2026: बाराबंकी जिले के एक छोटे से कस्बे जयपुर के एक स्कूल ने यूपी बोर्ड 2026 के नतीजों में वो कर दिखाया है जो किसी करिश्मे से कम नहीं है. इस छोटे से गांव के 'मॉडर्न स्कूल' की तीन बेटियों ने उत्तर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश को चौंका दिया है. यूपी तक के साथ खास बातचीत में इन मेधावियों और उनके किसान माता-पिता ने अपनी सफलता के राज साझा किए.
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किसान की बेटी अंशिका वर्मा बनीं 'यूपी टॉपर'
बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने प्रदेश में रैंक 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है. एक छोटे किसान की बेटी अंशिका ने साबित कर दिया कि लगन हो तो संसाधन आड़े नहीं आते.
- लक्ष्य: अंशिका भविष्य में इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं.
- सफलता का मंत्र: सोशल मीडिया से दूरी. अंशिका ने बताया कि उन्होंने मनोरंजन के लिए भी मोबाइल का बहुत कम इस्तेमाल किया.
- पिता का गर्व: पिता कुंदन लाल (किसान) ने भावुक होकर कहा, "बेटी की लगन देखकर हमने कभी तंगी महसूस नहीं होने दी, आज उसने मेरा सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है."
सेकंड टॉपर अदिति और थर्ड टॉपर परी वर्मा की कहानी
इसी स्कूल की अदिति ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है. अदिति के पिता फार्मासिस्ट हैं और वह भविष्य में डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती हैं. अदिति ने बताया कि उन्हें गणित में सबसे ज्यादा रुचि है.
वहीं, परी वर्मा ने प्रदेश में तीसरी रैंक प्राप्त कर स्कूल का दबदबा कायम रखा. परी ने बताया कि उनके मैथ्स में 100 में से 100 अंक आए हैं और उनका सपना भी इंजीनियर बनने का है. दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों ही टॉपर्स ने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से खुद को पूरी तरह दूर रखा.
प्रिंसिपल का बयान: कैसे बनी 'टॉपर फैक्ट्री'?
स्कूल के प्रिंसिपल अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि यह परिणाम शिक्षकों और अभिभावकों की कड़ी मेहनत का नतीजा है. बच्चों की समस्याओं को सुलझाने के लिए स्कूल में एक्स्ट्रा क्लासेस चलाई जाती थीं. उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद थी कि बच्चे टॉप करेंगे, लेकिन पहली, दूसरी और तीसरी पोजीशन एक ही स्कूल से आना हमारे लिए सबसे बड़ा प्राउड मोमेंट है."
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