आशु सिंह ने... गाजीपुर की निशा विश्वकर्मा के मां-बाप ने यूपी Tak के कैमरे पर कह दी ये पूरी बात

Ghazipur News: गाजीपुर के कटरिया गांव में डेलिगेशन के दौरे के दौरान भारी पत्थरबाजी. ग्रामीणों ने बाहरी भीड़ और पहले से जमा पत्थरों को लेकर उठाए सवाल. पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी.

यूपी तक

• 05:09 PM • 24 Apr 2026

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गाजीपुर के कटरिया गांव में हुई हिंसा और किशोरी की मौत के बाद उपजा विवाद गहराता जा रहा है. यूपी तक ने मृतका के माता-पिता से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने गांव के दबंगों, प्रधान और राजनीतिक डेलिगेशन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. परिवार का आरोप है कि उन्हें इंसाफ मिलने के बजाय धमकियां दी जा रही हैं और उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है.

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"हमारी औकात का मजाक उड़ाया गया": प्रधान पर गंभीर आरोप

मृतका के पिता ने स्थानीय प्रधान आशु सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. पिता का कहना है:

  • अपमानजनक भाषा: "प्रधान जी हमारे खिलाफ हैं और हमें गालियां दे रहे हैं. वे कहते हैं कि हमारी ₹3 की औकात नहीं है और बेटी को ₹3000 का मोबाइल दिया गया. जिस दिन मोबाइल दिया गया, उस दिन क्यों नहीं सोचा कि हमारी बेटी का क्या होगा?"
  • धमकी का आरोप: परिवार का दावा है कि उन्हें 'फड़फड़ाने' (ज्यादा बोलने) पर थाने में एक-एक करके मारने की धमकी दी जा रही है.

समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन और पथराव का सच

जब गांव में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, तब भारी पथराव हुआ था. इस पर परिवार का कहना है:

  • मिलने की इच्छा नहीं थी: "हमने एसओ (SO) साहब को लिख कर दिया था कि हमें किसी से नहीं मिलना है. हमारी बेटी तो वापस नहीं आएगी. इसके बावजूद भीड़ जबरदस्ती आई."
  • बचाव में पीटे गए पुलिस अफसर: पिता ने बताया कि भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्हें बचाने के चक्कर में एसओ साहब को भी चोटें आईं. पथराव करने वालों में गांव और बाहर के लोग शामिल थे, जिन्हें वे पूरी तरह पहचान नहीं पाए.
  • पथराव किसने किया: परिवार का आरोप है कि प्रधान और कुछ खास गुटों के लोगों ने पथराव करवाया.

मोबाइल विवाद और हरिओम पंडित का नाम

मृतका की माँ ने बताया कि उन्हें मोबाइल के बारे में काफी समय तक पता नहीं था. जब उन्हें जानकारी हुई, तो उन्होंने हरिओम पंडित नाम के युवक को फटकार भी लगाई थी. माँ का कहना है कि आरोपी ने उनके घर में आग लगाने का काम किया है. रेप की बात पर उन्होंने कहा कि "बेटी घर से निकल गई थी, अब समाज जो भी कहे, लेकिन हमें बस इंसाफ चाहिए."

न्याय की गुहार: "हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए"

पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी तो जेल चला गया है, लेकिन गांव का माहौल उनके खिलाफ बना दिया गया है. वे डरे हुए हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे गरीब हैं, इसलिए उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.