Greater Noida News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा में बदमाशों ने दा चाइल्ड मूवमेंट की संस्थापक, बाल पर्यावरणविद और जलवायु कार्यकर्ता लिसीप्रिया कंगुजम का रविवार को मोबाइल फोन छीन लिया. बताते चलें कि जिस समय लिसीप्रिया का मोबाइल छीना गया, उस दौरान वह फेसबुक लाइव कर रही थीं. फेसबुक लाइव में वह किसी मुद्दे पर लोगों को शिक्षित कर रही थीं कि इतने में ही बदमाशों द्वारा उनका फोन छीन लिया गया. इसके बाद लिसीप्रिया ने ट्वीट कर नोएडा पुलिस से मदद की मांग की.
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लिसीप्रिया ने ट्वीट कर कहा,
“यह बहुत जरूरी है. जब मैं ग्रेटर नोएडा के बेलाना स्ट्रीट मार्केट (ग्रेटर नोएडा, सेक्टर 16बी निराला एस्पायर) के सामने फेसबुक पर लाइव कर रही थी, तभी बाइक सवार दो चोरों ने मेरा मोबाइल फोन छीन लिया. कृपया मेरी मदद करें! ?”
लिसीप्रिया कंगुजम
लिसीप्रिया ने दिखाई थी ताजमहल के पीछे की गंदगी
गौरतलब है कि बीते दिनों दा चाइल्ड मूवमेंट की संस्थापक, बाल पर्यावरणविद् और जलवायु कार्यकर्ता लिसीप्रिया कंगुजम (10) की एक तस्वीर की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हुई थी. दरअसल, इस तस्वीर में लिसीप्रिया आगरा स्थित ताजमहल (Taj Mahal) के पीछे हाथ में एक तख्ती लिए खड़ी थीं. इस तख्ती में लिखा था, “ताजमहल की सुंदरता के पीछे प्लास्टिक पॉल्यूशन है.”
वहीं, बाद में लिसीप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) ने ट्विटर पर अपनी एक और तस्वीर साझा की. इस तस्वीर में लिसीप्रिया के पीछे गंदगी की जगह साफ-सफाई दिखाया दी. तस्वीर में लिसीप्रिया भी खुश नजर आ रही थीं.
कौन हैं लिसीप्रिया कंगुजम?
लिसीप्रिया कंगुजम की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उनका जन्म 2 अक्टूबर 2011 को हुआ था. वह भारत की दस वर्षीय बाल पर्यावरणविद् कार्यकर्ता हैं और दा चाइल्ड मूवमेंट की संस्थापक हैं. वह छह साल की उम्र से ही जलवायु परिवर्तन से लड़कर पर्यावरण की रक्षा, संरक्षण और पोषण करने के अपने उद्देश्य की हिमायत कर रही हैं.
बता दें कि लिसीप्रिया विश्व स्तर पर सबसे कम उम्र की जलवायु कार्यकर्ताओं में से एक हैं. उन्होंने मैड्रिड (स्पेन) में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन 2019 (COP25) को संबोधित करते हुए दुनिया के नेताओं को अपने भविष्य को बचाने के लिए तत्काल जलवायु कार्रवाई करने का आह्वान किया था.
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