डबल मीनिंग गाने होते हैं भोजपुरी में... पवन सिंह के 'अश्लील गानों' पर ये क्या बोल गईं शिल्पी राघवानी

यूपी तक

01 Dec 2025 (अपडेटेड: 01 Dec 2025, 10:25 PM)

भोजपुरी एक्ट्रेस शिल्पी राघवानी का अश्लील गांवों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से बदनाम है इंडस्ट्री. पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के गानों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी है. साथ ही खेसारी की चुनावी हार पर भी वह खुलकर बोलीं हैं.

Shilpi Raghvani

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भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता को लेकर बहस चलती रहती है. इस बीच भोजपुरी सिनेमा की एक्ट्रेस शिल्पी राघवानी ने इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी है. शिल्पी राघवानी मानती हैं कि गंदगी पूरे भोजपुरी सिनेमा में नहीं, बल्कि कुछ लोगों की वजह से फैलती है. इसलिए दो‑चार गानों के आधार पर सभी सिंगर्स और कलाकारों को कटघरे में खड़ा करना गलत है. हमारे सहयोगी बिहार Tak से खास बातचीत में शिल्पी राघवानी ने 'पावर स्टार' पवन सिंह और एक्टर खेसारी लाल यादव को लेकर भी अपनी बात रखी है. 

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पवन सिंह और खेसारी के अश्लील गानों पर शिल्पी ने क्या कहा?

खेसारी लाल यादव और पवन सिंह के अश्लील गानों पर सवाल पूछे जाने पर शिल्पी राघवानी ने कहा कि उन्होंने इन स्टार्स के कोई सीधे वल्गर या बेहूदे गाने नहीं देखे हैं. उन्होंने कहा, "मैंने उनका वल्गैरिटी वाला गाना नहीं देखा है. डबल मीनिंग गाने होते हैं भोजपुरी में. आपकी सोच पर निर्भर करते है कि उसे आप किस दिशा में लेकर जा रहे हैं. हमारे बिहार के कल्चर में मिर्च मसाला लगाकर गानों को बनाया जाता है लोगों को एंटरटेन करने के लिए. जिस दिन पब्लिक पसंद करना बंद कर देगी, वैसे गाने बनने बंद हो जाएंगे."

'कुछ लोग गंदगी फैलाते हैं'

भोजपुरी में कुछ लोग गंदगी फैलाते हैं. उनपर आप ध्यान मत दीजिए. डबल मीनिंग गाने हो सकते हैं, पर ऐसा नहीं है कि कोई वल्गैरिटी फैला रहा है. ऐसा मैंने नहीं देखा है. 

चुनाव में खेसारी की हार पर शिल्पी ने क्या कहा?

मालूम हो कि खेसारी लाल यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव छपरा सीट से लड़ा था. मगर भाजपा की छोटी कुमारी से वह चुनाव हार गए. खेसारी की हार पर जब शिल्पी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चुनाव हो या राजनीति ये सब जीत‑हार का खेल है सिर्फ हार जाने से किसी को फेल कहना ठीक नहीं.​ वह उदाहरण देती हैं कि मनोज तिवारी और रवि किशन जैसे भोजपुरी स्टार भी राजनीति में आए और सफल रहे, इसलिए खेसारी की हार को भी सिर्फ एक पड़ाव की तरह देखना चाहिए न कि करियर खत्म मान लेना चाहिए.